सदस्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मतभेदों के कारण प्रसार भारती बोर्ड के उपयुक्त तरीके से काम नहीं कर पाने की हालिया रिपोर्टो के बीच सूचना और प्रसारण मंत्रालय जल्द ही प्रसार भारती के कामकाज पर विस्तृत रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने पेश करेगा। मंत्रालय के भरोसेमंद सूत्रों ने कहा कि लोक प्रसारक में क्या चल रहा है, इस पर मंत्रालय ने गौर किया है और प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजने से पहले मंत्री विधि मंत्रालय से सलाह-मशविरा करेंगी।
सूत्रों ने कहा कि इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसमें सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी के सुझाव भी शामिल रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने जब से पदभार संभाला है, तभी से वह प्रसार भारती के अंदर घटित हो रही चीजों की समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी व बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठकें भी की है। प्रसार भारती में कथित अनियमितताओं से जुडे मामले की जांच मुख्य सतर्कता आयुक्त की ओर से की जानी है जो सुप्रीम कोर्ट व दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगी। सदस्यों व मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बीच मतभेद होने के कारण प्रसार भारती बोर्ड के उपयुक्त तरीके से काम नहीं हो पाने से जुडा मामला अब भी दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। सूत्रों ने कहा कि इस परिदृश्य में मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजेंगी।
मंत्रालय के पूरे प्रसार भारती बोर्ड को भंग करने के लिए अध्यादेश लाने पर विचार करने संबंधी अटकलों को खारिज करते हुए सूत्रों ने कहा कि मामला पहले से अदालत में है। मंत्रालय कार्रवाई पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि मंत्री ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है या किया है। उन्होंने कार्रवाई की कोई प्रक्रिया नहीं सुझाई है क्योंकि मामला अदालत में है। सूत्रों ने कहा कि इसी के साथ मंत्री ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रसार भारती से जुडे कई लंबित मुद्दों को सुलझाया है और इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठके की है। सूत्रों के मुताबिक असल में, अंबिका सोनी ने प्रसार भारती के कामकाज के विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, यह स्वायत्त संगठन है लेकिन उसकी प्रभावक्षमता को बनाए रखने की कोशिशें की जा रही है। साभार : जनसत्ता











