Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

कहिन

खिलाड़ियों और खेल संघों के बीच मीडिया

डा. प्रवीण तिवारी और मेरीकॉममेरीकॉम आजकल सुर्खि़यों में हैं लेकिन सिर्फ़ खेल रत्न मिलने के लिए नहीं बल्कि उनके द्वारा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के हिसार में लगाए जाने वाले ट्रैनिंग कैंप पर उठाए गए गंभीर सवालों की वजह से। मेरीकॉम ने बॉक्सिंग में नौ साल का लम्बा करियर देखा है, पद्मश्री से लेकर खेल रत्न जैसे सम्मान हासिल किए है लेकिन वो पहली बार किसी टेलीविजन चैनल के स्टूडियो में पहुंची। इस एक्सक्लूसिव बातचीत में मेरीकॉम ने जो ख़ुलासे किए वो चौंकाने वाले थे। विश्व चैंपियन बॉक्सर कैंप में जाते वक़्त अपने साथ अपने पति को या भाई को लेकर जाती हैं। 

डा. प्रवीण तिवारी और मेरीकॉममेरीकॉम आजकल सुर्खि़यों में हैं लेकिन सिर्फ़ खेल रत्न मिलने के लिए नहीं बल्कि उनके द्वारा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के हिसार में लगाए जाने वाले ट्रैनिंग कैंप पर उठाए गए गंभीर सवालों की वजह से। मेरीकॉम ने बॉक्सिंग में नौ साल का लम्बा करियर देखा है, पद्मश्री से लेकर खेल रत्न जैसे सम्मान हासिल किए है लेकिन वो पहली बार किसी टेलीविजन चैनल के स्टूडियो में पहुंची। इस एक्सक्लूसिव बातचीत में मेरीकॉम ने जो ख़ुलासे किए वो चौंकाने वाले थे। विश्व चैंपियन बॉक्सर कैंप में जाते वक़्त अपने साथ अपने पति को या भाई को लेकर जाती हैं। 

ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें डर रहता है की कोई बदमाश उनके साथ छेड़छाड़ न करें। ये लड़कियों और महिलाओं के लिए बड़ा धक्का हो सकता है। खासकर उनके लिए जो बॉक्सिंग, जूडो या ताइक्वांडो सीखकर ख़ुद को इन बदमाशों के ख़िलाफ़ तैयार कर रही हैं। सबसे बड़ा बवाल उनके उस ख़ुलासे से हुआ जिसमें उन्होंने SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलते हुए ये कहा कि बार-बार मना करने के बावजूद हिसार में ही ट्रेनिंग कैंप लगाया जाता है जबकि यहां पर महिला खिलाड़ी सुरक्षित नहीं है। महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ होती है और उन पर अश्लील फ़ब्तियां कसी जाती है। हालांकि इटरव्यू के दौरान मैंने एक बात ग़ौर की, कि वो इस बात से घबरा भी रही थी की कहीं उन पर अथॉरिटी कोई कार्रवाई न कर दे।

मैंने सवाल किया की नौ साल के लंबे करियर में आपने कई कैंप हिसार में किए होंगे, फिर अब अचानक ये परेशानी क्यों सामने आई? कहीं खेल रत्न चुने जाने के बाद आपका कॉन्फिडेन्स तो नहीं बढ़ गया और अथॉरिटी के ख़िलाफ़ अब आपने आवाज़ उठाई?  मेरीकॉम इंटरव्यू के दौरान कई बार चुप हुईं और मुझसे उन्होंने कहा कि मैं इस पर अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं। ज़ाहिर था कि मेरीकॉम भले ही खेल रत्न हो गई हो लेकिन मन में एक डर तो है कि कहीं अथॉरिटी कोई ऐक्शन न ले ले। गंभीर बात ये है कि जब इतनी बड़ी खिलाड़ी झिझक के साथ इतनी गंभीर परेशानी को रख रही हैं तो बाक़ी नये ख़िलाड़ियों की स्थिति का क्या कहना।

मीडिया की सकारात्मक भूमिका से मेरीकॉम ख़ुश है क्योंकि जो बात ये खिलाड़ी अधिकारियों से कई बार कह चुके थे उसका असर अब मीडिया में इस ख़बर के आने के बाद हुआ है। अथॉरिटी इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सहवाग का डीडीसीए पर ग़ुस्सा हो, सायना नेहवाल की वाडा को लेकर टीम इंडिया को दी गई नसीहत हो या फिर ताज़ा मामला एम. सी. मेरीकॉम का ख़ुलासा हो खेल संस्थानों और खिलाड़ियों के बीच की दूरियां साफ है और मीडिया इसमें ब्रिज का काम कर रहा है।


लेखक डा. प्रवीण तिवारी लाइव इंडिया न्यूज चैनल में एंकर और प्रोड्यूसर हैं। इनसे संपर्क करने के लिए [email protected] का सहारा ले सकते हैं।
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...