1976 में स्थापित और एशिया पैसिफिक इलाके में नौ केंद्रों से प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय बिजनेस अखबार द वाल स्ट्रीट जरनल एशिया का आज से दिल्ली और मुंबई से भी प्रकाशन-वितरण शुरू हो गया। इस अखबार के प्रबंधन ने भारत में प्रकाशन के लिए एक्सप्रेस ग्रुप के साथ समझौता किया है। यह अखबार दिल्ली और मुंबई में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना एक्सप्रेस ग्रुप की मशीनों पर छपेगा और उसी दिन कारपोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों तक पहुंचा दिया जाएगा। अन्य कई प्रमुख शहरों में भी बिक्री के लिए यह उपलब्ध होगा। भारत में डब्लूएसजे पब्लिशिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के बैनर तले यह अखबार लांच किया गया है। इस कंपनी में डो जोन्स और एक्सप्रेस ग्रुप की भागीदारी है। एडिटर और पब्लिशर सुमन दुबे हैं।
द वाल स्ट्रीट जरनल एशिया अखबार की प्रकाशित करने वाली कंपनी डो जोन्स एंड कंपनी की तरफ से भारत सरकार के सम्मुख अखबार का फेसीमाइल एडिशन प्रकाशित किए जाने के लिए प्रस्ताव दिया गया था जिसे मंजूरी मिलने के बाद अखबार का प्रकाशन दिल्ली-मुंबई से संभव हो सका है। भारत सरकार ने इसी साल विदेशी संस्करणों के फेसीमाइल एडिशन प्रकाशित करने के लिए
विदेशी पूंजी लगाने के रास्ते को खोल दिया था जिसके बाद कई विदेशी अखबार भारत में अपना संस्करण प्रिंट करने को तैयार हुए और कइयों ने प्रकाशन शुरू भी कर दिया है। अखबार की लांचिंग के मौके पर डो जोन्स कंज्यूमर मीडिया ग्रुप के चीफ आपरेटिंग आफिसर टॉड लारसेन ने कहा कि ब्रांड पर यह जो निवेश किया गया है वह डो जोन्स की भारत समेत पूरे एशिया में बिजनेस बढ़ाने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। आर्थिक पत्रकारिता के सम्मानित नाम द वाल स्ट्रीट जनरल एशिया की खबरें भारत के पाठक भी रोजाना पढ़ सकेंगे। लांचिंग के मौके पर एक्सप्रेस ग्रुप के एडिटर इन चीफ शेखर गुप्ता भी मौजूद थे। उन्होंने द वाल स्ट्रीट आफ जरनल एशिया के भारत में प्रकाशन और एक्सप्रेस ग्रुप को डो जोन्स के साथ साझीदारी को एक सहज प्रक्रिया का हिस्सा बताया। संपादक और पब्लिशर सुमन दुबे ने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत की लगातार बढ़ती मजबूत भूमिका को दर्शाने के क्रम में यह घटनाक्रम मील के पत्थर की तरह है। भारत में व्यापार और वित्त संबंधी खबरों की जबर्दस्त मांग है।











