दैनिक जागरण में ये क्या हो रहा है. जिन पर कोई आरोप नहीं है, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है और जो दागदार हैं, जिनके खिलाफ दागी होने के सुबूत हैं, वे ऐश काट रहे हैं. दैनिक जागरण, पानीपत के प्रभारी केके सलूजा, जो जागरण के साथ कई वर्षों से जुड़े हुए थे और बेहद विनम्र पत्रकार माने जाते हैं, को अचानक संस्थान से बाहर कर दिए जाने के फैसले के तुरंत बाद दैनिक जागरण, चंडीगढ़ में कार्यरत न्यूज एडिटर राकेश सोनकर को भी गुडबाय बोल दिया गया है.
इस बारे में राकेश सोनकर से बात नहीं हो सकी क्योंकि उनका मोबाइल स्विच आफ है. सूत्रों के मुताबिक राकेश सोनकर प्रतिभाशाली पत्रकार हैं और जागरण को कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में जागरण से कई और पत्रकार हटाए जा सकते हैं. जानने वाले कहते हैं कि नोएडा में पदस्थ एक शक्तिशाली ग्रुप प्रबंधन के इशारे पर उन पत्रकारों की सेवाएं समाप्त कर रहा है जो पेड न्यूज से जुड़े काम पूरी आक्रामकता के साथ नहीं कर पा रहे हैं. वहीं, दूसरे लोगों का कहना है कि प्रबंधन ढीले-ढाले वरिष्ठ पत्रकारों की शिनाख्त कर उनकी जगह नए और तेजतर्रार लोगों को मौका दे रहा है. जो भी हो, पर जागरण में गैर-दागी पत्रकारों की अचानक सेवा समाप्ति की घटनाओं से बाकी शरीफ पत्रकारों में दहशत का माहौल है.












shweta
July 20, 2010 at 11:04 am
अब अखबारों को पत्रकार नहीं चापलूस चाहिए…..
Rajesh Saxena
July 20, 2010 at 9:07 pm
vinash kale vipreet budhi
Rishi Naagar
July 21, 2010 at 12:54 am
Shame Shame! Jagran walon ki dhoti khulne ko hai. Sonkar ke saath maine khud kai saal kaam kiya…uski shaaleenta, saumya swabhav, raajneeti se ooper uthkar kaam karna hi uske dushman ho gaye lagte hain..Jagran ke buray dino ki shuruaat hai.
खरदूदी पत्रकार
July 21, 2010 at 1:34 pm
जहां तक मेरी जानकारी है इन दोनों को दैनिक जागरण के पंजाब-हरियाणा रीजन की राजमाता के इशारे पर हटाया गया है। यह दोनों ही सधे हुए पत्रकार थे और राजमाता की कार्यशैली के बारे में सभी बाखूबी जानते हैं। अब और क्या कहूं आप सभी जानकार हैं इस राजमाता के, ऋषि नागर जी तो शायद समझ ही गए होंगे मैं किसकी बात कर रहा हूं।