सहारा ग्रुप ने अपने टीवी चैनलों से एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बाहर निकाल दिया है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छंटनी का यह दौर कुछ रोज पहले शुरू हुआ। रोजाना दो से चार लोगों को इस्तीफे का पत्र थमाकर कार्यमुक्त किया जा रहा है। सहारा ग्रुप के यूपी, मध्य प्रदेश, एनसीआर आदि चैनलों से अभी तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो हटाए जाने की भनक लगने पर बीमारी की अर्जी भेजकर छुट्टी पर चले गए हैं। कुछ महिला पत्रकार, जो लंबी छुट्टी पर चल रही हैं, उन्हें भी कार्यमुक्त किया गया है। सहारा में छंटनी को लेकर मीडिया मार्केट में कई तरह की अफवाहें हैं। कुछ लोगों छंटनी की लिस्ट में दो सौ से ज्यादा लोगों के नाम होने की बात कह रहे हैं तो कुछ लोग इसे 50 तक बता रहे हैं।
इस छंटनी अभियान की चपेट में कई दिग्गज पत्रकार भी आ चुके हैं। वेस्ट यूपी के एक वरिष्ठ रिपोर्टर को भी कार्यमुक्त किए जाने की खबर है। उन्हें कुछ महीनों पहले नोएडा आफिस बुला लिया गया था। इस बीच, सहारा के नेशनल चैनल के लिए काम करने वाले मीडियाकर्मियों में गुस्सा इस बात का भी है कि प्रबंधन ने कम की गई सेलरी को फिर से बढ़ाने की जो बात कही थी, उस पर अमल नहीं किया गया है।











