इलेक्ट्रानिक मीडिया की चार खबरें। दो लोगों ने टीवी से प्रिंट की ओर कदम बढ़ा दिया है, तीसरे का तबादला किया गया है और चौथे ने नई पारी शुरू की है। सबसे पहले वरिष्ठ पत्रकार सुमंत भट्टाचार्य के बारे में। वायस आफ इंडिया में एईपी के रूप में कार्यरत सुमंत भट्टाचार्य ने आउटलुक हिंदी के सहायक संपादक के रूप में ज्वाइन किया है। वे वीओआई में पहले राजस्थान चैनल को हेड कर रहे थे। बाद में उन्हें वीओआई के बांग्ला चैनल का प्रभार दिया गया। वीओआई बांग्ला का मुख्यालय पिछले दिनों कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट कराने में सुमंत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सूत्रों का कहना है कि सुमंत ने आउटलुक हिंदी तो ज्वाइऩ किया है पर वीओआई से इस्तीफा नहीं दिया है। वे दोनों नावों में सवारी के मूड में हैं। वीओआई प्रबंधन अपने बांग्ला चैनल के लिए उन्हें बतौर कंसल्टेंट इस्तेमाल करने को इच्छुक है।
इस बारे में जब सुमंत से बात की गई तो उनका कहना था कि वीओआई से उनके रिश्ते हमेशा ‘मधुर’ रहे हैं। उन्होंने आउटलुक हिंदी में ज्वाइन करने की पुष्टि। वीओआई के साथ बतौर कंसल्टेंट काम जारी रखने के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि सुमंत जनसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस, राजस्थान पत्रिका समेत कई अखबारों में काम कर चुके हैं। आउटलुक हिंदी के जरिए अब फिर से वे प्रिंट की ओर लौट रहे हैं।
सुमंत की तरह रुना आशीष ने भी टीवी छोड़कर प्रिंट की ओर कदम बढ़ाया है। रूना ने आज तक, मुंबई से इस्तीफा देकर मुंबई मिरर के साथ नई पारी शुरू की है। वे आज तक में चीफ करेस्पांडेंट के रूप में पिछले कई वर्षों से कार्यरत थीं। वे मूलतः इंटरटेनमेंट बीट की रिपोर्टर रहीं हैं और मुंबई मिरर में भी यही बीट देखेंगी।
लंबे समय से मेरठ में पांव जमाए सहारा समय, उत्तर प्रदेश के सीनियर करेस्पांडेंट बृजेश चौधरी का तबादला नोएडा के लिए कर दिया गया है। वे सहारा समय, उत्तर प्रदेश की लांचिंग से ही मेरठ में डटे थे। उसके पहले वे राष्ट्रीय सहारा के मेरठ में ब्यूरो चीफ थे।
गुंजन कुमार ने लंबे समय तक आज तक में बैटिंग करने के बाद इस संस्थान को अब टाटा बाय बाय बोल दिया है। वे अब वीओआई के साथ नई पारी शुरू कर रहे हैं। आज तक में दीपक शर्मा की स्पेशल इनवेस्टीगेटिव टीम के सदस्य रहे गुंजन वीओआई में भी इनवेस्टीगेटिव स्टोरी के लिए काम करेंगे।











