कहिन एक नदी की अकाल मौत पहचानना मुहाल है शोलों की शक्ल का... हम आग से बचे थे और पानी से जल गए...शायर ने जब ये चंद लाइनें कोरे कागज... bhadas4media.comDecember 7, 2010