राजेंद्र माथुर, प्रभाष जोशी, आलोक मेहता ने शरद जोशी का महिमामंडन किया, परसाई का नहीं

जबलपुर में 22 अगस्त को प्रसिद्ध व्यंग्यकार और विचारक हरिशंकर परसाई का जन्मदिवस ‘विवेचना’  और ‘पहल’  के संयुक्त तत्वावधान में मनाया गया। विवेचना कई वर्षों से 22 अगस्त को परसाई का जन्मदिवस विचार गोष्ठी और परसाई की सूक्तियों पर आधारित कार्टून प्रदर्शनी के माध्यम से आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष जबलपुर में डा. विश्वनाथ त्रिपाठी, कवि नरेश सक्सेना और लीलाधर मंडलोई को आमंत्रित किया गया था।

कानपुर में अपनी आखों को बरसने से नहीं रोक पाए कवि नीरज

कानपुर। नीरज कानपुर में सम्मान पाकर बेहद भावुक थे। बरबस ही ये पक्तियां निकल आई… आह कानपुर तेरी याद आई, फिर स्याह कुछ और गीली सी… आंखें तो बहुत रोई लेकिन अब जाकर बरसात हुई। एमजी कॉलेज ऑफ साइंस आर्ट एंड कल्चर और साहित्य पत्रिका नवनिकष के नीरज विशेषांक समारोह में नीरज का जवां अंदाज दिखा।

भक्षक और रक्षक में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है : शशि शेखर

: साहित्यशिरोमणि पंडित दामोदरदास चतुर्वेदी सम्मान :  अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए दिए जानेवाले साहित्यशिरोमणि पंडित दामोदरदास चतुर्वेदी स्मृति सम्मान-2011 समारोह का उद्घाटन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सभागार में संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष सत्यव्रत चतुर्वेदी ने किया।

हिंदी जन्‍म से ही आधुनिक है : अशोक वाजपेयी

मुजफ्फरपुर : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर” और आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की कर्मभूमि बीआर अम्‍बेडकर बिहार विश्‍वविद्यालय में एक बार फिर  साहित्यिक गतिविधियां शुरू हो गयी है. हिंदी विभाग ने महान साहित्यकारों और कवियों के शताब्दी वर्ष पर ऐसा आयोजन किया है, जिससे लग रहा है कि विश्‍वविद्यालय को इन कवियों की कर्म भूमि होने पर गर्व है.