कानपुर। नीरज कानपुर में सम्मान पाकर बेहद भावुक थे। बरबस ही ये पक्तियां निकल आई… आह कानपुर तेरी याद आई, फिर स्याह कुछ और गीली सी… आंखें तो बहुत रोई लेकिन अब जाकर बरसात हुई। एमजी कॉलेज ऑफ साइंस आर्ट एंड कल्चर और साहित्य पत्रिका नवनिकष के नीरज विशेषांक समारोह में नीरज का जवां अंदाज दिखा।
इस मौके पर उत्तराखंड सरकार के सलाहकार आर.एस.राघव ने नीरज को एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की। लेखिका उपन्यासकार मैत्रेया पुष्पा को भी सम्मानित किया गया। बीमार होने के बावजूद नीरज पौन घंटे तक अपनी रौ में दिखे। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में सम्मान मिले, पर कानपुर का यह प्यार देखकर आंख भर आई है। उन्होंने अपने गीतों और दोहों से समां बांध दिया। नीरज ने कुरसवां की गलियां याद की तो डीएवी कॉलेज के प्रतिनिधि के बारे में पूछा। इतने में अध्यक्षता कर रहे महापौर रवीन्द्र पाटनी से प्रोटोकॉल तोडक़र उनका अभिनंदन कर उन्हें भाव विभोर कर दिया। पद्मभूषण नीरज ने एमजी कॉलेज के मेधावी छात्र निशकेश मिश्रा, दिलीप कुमार, रामशंकर, अनुज कुमार, रीली, चांदनी, शालिनी, पूर्णिमा सिंह, पूजा, अनुराधा गुप्ता आदि को सम्मानित किया।

इस दौरान बॉलीवुड की युवा गायक जोड़ी हेमंत मिश्रा बंधु ने भजन पेशकर माहौल बदल दिया। भातखंडे संगीत महाविद्यालय के प्रो. सुनील पावगी ने गिटार पर सुर साधे। स्वागताध्यक्ष एमए नकवी ने कहा कि नीरज केवल कवि नहीं, युग पुरुष है। मैत्रेयी पुष्पा ने नीरज को अपनी लेखनी का जनक बताया। डा. रचना पांडेय ने उनको प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. विवेक द्विवेदी ने मौजूदा पीढ़ी को नीरज को आत्मसात करने की सलाह दी। एमली कॉलेज ऑफ साइंस आर्ट एंड कल्चर के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सक्सेना ने नीरज से कक्षाओं में विशेष व्याख्यान देने की अपील की। संचालन वरिष्ठ पत्रकार अशोक पांडेय ने किया।
नवनिकष के प्रधान संपादक डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय और संयुक्त संपादक डॉ. प्रमिला अवस्थी, नवनिकष के संपादक गिरधर शर्मा ने आभार जताया। महाप्रबंधक मोबाइल जीपी त्रिपाठी, सांसद ईश्वर चंद्र गुप्त, डॉ. जेके कोहली, पीपीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जहान सिंह, प्रो. बीडी पांडेय, सफलता सरोज जीवन शुक्ल,निष्ठा शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी, कैलाशनाथ त्रिपाठी, डॉ. प्रमिला अवस्थी, कर्मचारी नेता मनोज पांडेय आदि उपस्थित रहे।












Lovekesh Kumar Singh Raghav
August 20, 2011 at 1:34 pm
sabse pahle kavi Neeraj ji ko mubark baad……………saath hi उत्तराखंड सरकार के सलाहकार आर.एस.राघव ji ko bhi danyavaad ki unhone esi hasti kosammanit karne ki sochi ……………bahut-2 sadhuwaad aapko………….
Ramanand Soni
August 21, 2011 at 5:29 am
Main Neeraj ji ka bachapan se fan hoon. Unaki Shairee/kavita man ko ek alag tarah ka anand deti hai. Unaki shakhshiyat kisi bhi samman sa bahut bari hai. Meri to ishwar se bas yehi dua hai ki woh hazar sal jiyen.
Ramanand Soni
Bhind M.P.
शिवा अवस्थी
August 23, 2011 at 11:54 am
कर्मभूमि में जब-जब आते मिलता है नव प्यार.
नीरज जी के आगमन से, आती नयी बहार..
धन्यवाद फिर कानपुर में आकर हर लिया शोक.
इसकी खातिर प्रशंसनीय हैं पाण्डेय अशोक.
राघव जी आये यहाँ बन निशंक के दूत.
सौपी उनको राशि जो निश्चय वीर सपूत.
-शिवा अवस्थी, कानपुर