साहिल का लिखा मानसिक दिवालियापन!

Bhadas4Media.com में जो लेख अफरोज आलम साहिल ने लिखा है वो उनके मानसिक दिवालियापन को बताता है. श्री साहिल, क्या आपको पता है कि रवि प्रकाश, मूर्ति, बद्री प्रसाद और क्लिफर्ड परेरा मुंबई में आए ही नहीं. रवि प्रकाश ऐसे नहीं हैं जो वो किसी कोर्ट में जाएं और मीडिया को पता ना चले. आपने जो लेख लिखा है वो सिर्फ tv9 से आपको धक्के देकर निकाले जाने का बदला है. क्या आप ये बताएंगे कि tv9 में आने से पहले आप कितने बड़े पत्रकार थे. आपकी सैलिरी क्या थी और आपने tv9 में कुछ लोगों की मेहरबानी से कितनी सैलिरी में किस पद पर ज्वाइन किया.

टीवी9 के मालिक रवि प्रकाश कोर्ट में पेश

पिछले दिनों एक साथ कई जर्नलिस्टों को टीवी9 से बाहर का रास्ता दिखाने के कारण विवादित हुए टीवी9 के मालिक रवि प्रकाश को कल जबरन कोर्ट में पेश किया गया. रवि प्रकाश समेत 4 लोग टीवी9 न्यूज चैनल पर प्रसारित एक खबर के चलते कोर्ट द्वारा तलब किए गए थे. बताया जाता है कि ये चारों आरोपी जब कोर्ट पहुंचे तो लोकल चैनल द्वारा कवरेज किए जाने के डर से कार से बाहर नहीं आ रहे थे. तब इन्हें जबरन कार से उतारकर कोर्ट में पेश किया गया.  बता दें कि टीवी9 महाराष्ट्र ने चार दिसंबर 2009 और रिपीट 5 दिसम्बर 2009 को एक न्यूज़ प्रसारित की थी. खबर के मुताबिक एक औरत बलात्कार की झूठी शिकायत करती है और लोगों को ब्लैकमेल करती है.

वीर, बरखा, राजदीप, प्रभु अपनी संपत्ति बताएं

: लोकतंत्र के चौथे खंभे (पत्रकारिता) को सूचना के अधिकार के दायरे में लाने के संदर्भ में आरटीआई एक्टिविस्ट अफरोज आलम साहिल का एक खुला पत्र : सेवा में, महोदय, मैं अफ़रोज़ आलम साहिल। पत्रकार होने के साथ-साथ एक आरटीआई एक्टिविस्ट भी हूं। मैं कुछ कहना-मांगना चाहता हूं। मेरी मांग है कि लोकतंत्र के चौथे खंभे यानी मीडिया को सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में लाया जाए। लोकतंत्र के पहले तीनों खंभे सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में आते हैं। यह कानून कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीनों पर लागू होता है। इसका मक़सद साफ है कि लोकतंत्र को मज़बूत किया जा सके।

अफरोज को वेबसाईट ने पर्सन आफ द ईयर चुना

अफरोज आलम साहिल को प्रतिष्ठत वेबसाईट twocircles.net की ओर से Person of the year चुना गया है। अफरोज़ फिलहाल UNI tv में बतौर Sr. Correspondent काम कर रहे हैं, साथ ही मीडिया स्कैन के सम्पादक की भी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले tv9 में बतौर Sr. Correspondent व RTI Desk Incharge काम कर चुके हैं। tv9 पहले विभिन्न अखबारों में अफरोज लेखन कार्य करते रहे हैं। अफरोज आलम साहिल एक ख्याति प्राप्त RTI Activist भी हैं। उन्होंने अपने काम के ज़रिए फर्ज़ी एनकाउंटर से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक कई संवेदनशील खुलासे किए।

मनोहर नायक बने आज समाज के संपादक

: योगेश ने इंडिया टीवी, अफरोज ने यूएनआई टीवी ज्‍वाइन किया : आज समाज, दिल्‍ली के संपादक राजीव पांडेय की विदाई हो गई है. राजीव के जाने के बाद संपादकीय प्रभारी की जिम्‍मेदारी वरिष्‍ठ सहायक संपादक मनोहर नायक को सौंपी गई है. मनोहर नायक का नाम अखबार के प्रिंट लाइन में जा रहा है.

अफरोज आलम मीडिया स्‍कैन के संपादक बने

अफरोज आलम साहिल मीडिया स्‍कैन के नए संपादक बनाए गए हैं. साहिल की पहचान देश भर में एक आरटीआई कार्यकर्ता की रही है. उन्‍होंने आरटीआई के माध्‍यम से कई खुलासे किए हैं. नवम्‍बर का अंक अफरोज आलम के संपादन में प्रकाशित होगा. मीडिया स्‍कैन के इस अंक को पेड न्‍यूज स्‍पेशल बनाया गया है. इसमें पेड न्‍यूज से संबंधित कई मुद्दों को उठाया गया है.