एक अमेरिकी पत्रकार से डर गया महान लोकतांत्रिक देश भारत

कश्मीर भारत के दो युद्ध क्षेत्रों में से एक है, जहां से कोई खबर बाहर नहीं निकल सकती. लेकिन गुमनाम कब्रों में दबी लाशें खामोश नहीं रहेंगी. 23 सितंबर की सुबह 3 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी रेडियो पत्रकार डेविड बार्सामियन को वापस भेज दिया गया. पब्लिक रेडियो पर प्रसारण के लिए स्वतंत्र रूप से मुफ्त कार्यक्रम बनाने वाला यह खतरनाक आदमी चालीस वर्षों से भारत आता रहा है.

Statement from the Concerned Citizens of India on Kashmir

We are deeply concerned at the recent media reports of possible cases of ‘sedition’ to be levelled against some of the speakers at the public convention on Kashmir held in New Delhi on 21 October 2010 titled “Azadi: The Only Way” organized by the Committee for the Release of Political Prisoners(CRPP) with sections of political forces fomenting jingoistic feelings.

अरुंधति राय कानूनन दंड पाने योग्य हैं

अमिताभ ठाकुर: देशद्रोह बनाम निर्दोष : अरुंधती रॉय देश की विख्यात लेखकों-सामाजिक कार्यकर्ताओं में मानी जाती हैं. देश-विदेश में उनके समर्थकों और चाहने वालों की एक बहुत लंबी कतार है. कई विषयों पर उनके अपने स्वयं के विचार हैं जो बहुधा विवादास्पद भी हो जाते हैं. संभव है उन्हें इन तमाम विवादों से लाभ भी मिलता हो और उनकी सामजिक छवि में इजाफा होता हो.