ब्लागरों की जुटान में निशंक के मंचासीन होने को नहीं पचा पाए कई पत्रकार और ब्लागर

: गंगा घोटाले को लेकर कुछ लोगों ने आवाज उठाई : पुण्य प्रसून बाजपेयी और खुशदीप सहगल ने किया बहिष्कार : नुक्कड़ समेत कई ब्लाग व ब्लाग एग्रीगेटर चलाने वाले और हिंदी ब्लागिंग को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तन मन धन से तत्पर रहने वाले अपने मित्र अविनाश वाचस्पति का जब फोन आया कि 30 अप्रैल को शाम चार बजे दिल्ली के हिंदी भवन (जो गांधी शांति प्रतिष्ठान के बगल में है) में ब्लागरों की एक जुटान है तो मैं खुद को वहां जाने से रोक नहीं पाया.

हिंदी का प्रयोग न करना क्राइम घोषित किया जाए

वेब: हिंदी वेब ब्‍लॉगिंग कार्यशाला में ब्‍लॉगरों ने की मांग : हिन्‍दी का प्रयोग न करने को देश में क्राइम घोषित कर दिया जाना चाहिए और आज मैं इस मंच से पूरा एक दशक हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के नाम करने की घोषणा करता हूं। इस एक दशक में आप देखेंगे कि हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग सबसे शक्तिशाली विधा बन गई है। जिस प्रकार मोबाइल फोन सभी तकनीक से युक्‍त हो गया है, उसी प्रकार हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग सभी प्रकार के संचार का वाहक बन जाएगी। प्रख्‍यात व्‍यंग्‍यकार और चर्चित ब्‍लॉग नुक्‍कड़ के मॉडरेटर अविनाश वाचस्‍पति ने जब यह आवाह्न किया तो पूरा सभागार तालियों की करतल ध्‍वनि से गूंज उठा।

अविनाश वाचस्‍पति को हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मान

अनिवाशप्रख्‍यात हिन्‍दी व्‍यंग्‍यकार और साहित्‍यकार-ब्‍लॉगर अविनाश वाचस्‍पति को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मान से सम्‍मानित करने का निर्णय लिया है। अविनाश वाचस्‍पति को यह सम्‍मान राजभाषा पुरस्‍कार वितरण समारोह में सचिव प्रदान करेंगे। उन्‍हें यह सम्‍मान हिन्‍दी साहित्‍य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान के लिए दिया जा रहा है। पत्र सूचना कार्यालय के शास्‍त्री भवन, नई दिल्‍ली में स्थित सम्‍मेलन कक्ष में वर्ष 2008 – 2009 के लिए पुरस्‍कारों का वितरण 15 दिसम्‍बर को किया जायेगा।

नई ताकत के रूप में उभर रहा है ब्‍लागिंग

प्रवासी टुडे के तत्‍वावधान में कनॉट प्‍लेस में नेशनल इंस्‍टीट्यूट आफ नेशनल अफेयर्स एवं प्रवासी टुडे के तत्‍वावधान में हिंदी संसार एवं नुक्‍कड़ (सामूहिक ब्‍लाग) तथा हिंदी ब्‍लाग विमर्श का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि प्रवासी भारतीय कनाडा निवासी प्रमुख ब्‍लागर व साहित्‍यकार समीर लाल उर्फ उड़नतश्‍तरी थे. विशिष्‍ट अतिथि के रूप में प्रख्‍यात व्‍यंगकार जनमेजय और विख्‍यात तकनीक विशेषज्ञ बालेन्‍दु दाधीच थे.