अजीज बर्नी को भी निपटा दिया उपेंद्र राय ने!

: शीत युद्ध अब खुली जंग में तब्दील : सहारा उर्दू का चेहरा बन चुके अज़ीज़ बर्नी को उपेन्द्र राय ने पूरी तरह किनारे कर दिया है. इससे पूर्व यह काम कोई नहीं कर सका था. अब उपेन्द्र राय ने सहाराश्री के चहेते समझे जाने वाले बर्नी को मात देने में सफलता प्राप्त कर ली है. बर्नी से उन्होंने सारे अधिकार ले लिए हैं. बर्नी के किनारे कर दिए जाने की सूचना दीवारों पर चिपका दी गयी है. उपेन्द्र राय जल्द ही उर्दू का टीवी चैनल शुरू कर रहे हैं जो बर्नी की वजह से रुका हुआ था.

अजीज बर्नी ह्वाइट हाउस में नहीं घुस पाए

[caption id="attachment_15492" align="alignleft"]अजीज बर्नीअजीज बर्नी[/caption]अमेरिकी प्रशासन पर मुस्लिम होने की वजह से भेदभाव करने का आरोप जड़ा : एक बड़ी खबर है। सहारा समूह के उर्दू अखबार रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के दौरान ह्वाइट हाउस में घुसने से रोक दिया गया। अजीज बर्नी पीएम के साथ गए मीडिया डेलीगेशन के हिस्से थे। यह घटना उस समय हुई जब मनमोहन सिंह और बराक ओबामा के बीच बैठक चल रही थी। इस बैठक को अजीज बर्नी को कवर नहीं करने दिया गया। अजीज बर्नी ने एक समाचार एजेंसी को बताया है कि मुस्लिम होने के कारण उनके दस्तावेजों को अमेरिकी प्रशासन ने विशेष जांच श्रेणी में रखा। मनमोहन सिंह और बराक ओबामा के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के लिए लगभग 90 पत्रकार बुलाए गए थे जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री के साथ गए पत्रकार भी शामिल थे। अजीज बर्नी भी पीएम के साथ ही गए थे। लेकिन उन्हें 24 नवंबर के उस प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होने से रोका गया।

बर्नी के बारे में पीएमओ से जानकारी मांगी

सहारा समूह के उर्दू अखबार ”रोजनामा राष्ट्रीय सहारा” के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उनके खिलाफ मुंबई की अदालत में याचिका दायर करवाने वाले वीवी जोशी ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत एक अप्लीकेशन डालकर अजीज बर्नी से संबंधित दो जानकारियां मांगी हैं। पहली जानकारी में पूछा गया है कि उन देशों का नाम बताया जाए जहां अजीज बर्नी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ यात्रा पर गए थे। दूसरा सवाल पूछा गया है कि उस अधिकारी का नाम बताया जाए जिसने अजीज बर्नी का नाम पीएम के साथ जाने वाले पत्रकारों की लिस्ट में शामिल किया था। इस संबंध में भड़ास4मीडिया के पास जो मेल आई है, वह इस प्रकार है-

राष्ट्रीय सहारा की प्रेस काउंसिल से की शिकायत

राष्ट्रीय सहारासहारा समूह के उर्दू अखबार रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के ग्रुप एडिटर अर्जीज बर्नी पर देशद्रोह से संबंधित क्रिमिनल सूट फाइल कराने वाले वीवी जोशी अब सहारा समूह के खिलाफ प्रेस काउंसिल आफ इंडिया भी पहुंच गए हैं। उन्होंने मुंबई आतंकी हमले के मुद्दे पर राष्ट्रीय सहारा द्वारा लगातार देश विरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रोपेगंडा करने पर इस ग्रुप की लिखित शिकायत प्रेस काउंसिल से की है। वीवी जोशी ने पीसीआई से शिकायत की जांच कर राष्ट्रीय सहारा अखबार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया ताकि यह अखबार भविष्य में देश हित के साथ कोई खिलवाड़ न कर सके। सहारा के खिलाफ प्रेस काउंसिल के सचिव को भेजा गया पत्र इस प्रकार है-

गंभीर आरोपों से घिरे ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी

[caption id="attachment_15492" align="alignleft"]अजीज बर्नीअजीज बर्नी[/caption]जाने-माने पत्रकार और सहारा समूह के उर्दू अखबार ”रोजनामा राष्ट्रीय सहारा” के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में क्रिमिनल सूट फाइल किया गया है। नवी मुंबई के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 31 वर्षीय रिसर्च स्कालर और सोशल एक्टिविस्ट वीवी जोशी की तरफ से एडवोकेट प्रशांत मग्गू ने सूट फाइल किया। 156 (ए) के तहत दायर सूट में आईपीसी की सात धाराएं लगाई गई हैं जो सभी देशद्रोह से संबंधित हैं। 7 अगस्त को दायर वाद में कहा गया है कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों को लेकर देश के आठ शहरों (नोएडा, कोलकाता, मुंबई, गोरखपुर, पटना, लखनऊ, बेंगलोर, हैदराबाद) से प्रकाशित होने वाले उर्दू अखबार ‘रोजनामा राष्ट्रीय सहारा’ में लगातार देश विरोधी खबरें प्रकाशित हुईं। इन खबरों में कहा गया कि मुंबई पर आतंकी हमला पाकिस्तान ने नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों ने करवाया।