अन्ना व बाबा के सवालों का सटीक जवाब है ‘अर्थक्रांति’

दिनेश चौधरीछत्तीसगढ़ के एक छोटे-से कस्बे बालोद में स्थानीय महावीर विद्यालय का सभागार खचाखच भरा हुआ है। वातावारण में थोड़ी उमस भी है। व्याख्यान प्रारंभ हुए कोई दो घंटे हो चुके हैं, फिर भी लोगों की एकाग्रता भंग नहीं हुई है। मजे की बात यह है कि व्याख्यान किसी धर्मगुरु का नहीं है, जो सरस पौराणिक गाथायें सुनाकर श्रोताओं को बांधे हुए हो।