नीतीश राज में बिहार पुलिस के एक जवान के मर्डर के मायने

शशि सागर: पत्रकार साथियों से एक अपील : मेरे बाबू जी वामपंथी विचारधारा के हैं. जाति, गोत्र, धर्म से उन्हें कोई मतलब रखते नहीं देखा. उनका दिया संस्कार है कि मैं सामंती विचारधारा वाले मुहल्ले में पले-बढे होने के बावजूद खुद को इस घटिया मानसिकता से अलग रख सका. पर ऐसा भी नहीं कि मेरा मुहल्ले के कनिष्ठों-वरिष्ठों से कोई सरोकार नहीं.