तीन पत्रकारों के दुख भरे दिन

: अनुरंजन – रवींद्र शाह को डेंगू : विभूति दुर्घटना में घायल : आप लाख चाहें की चीजें आपके हिसाब से ठीकठाक चलें, लेकिन अक्सर ऐसी अप्रत्याशित घटनाएं, हादसे हो जाते हैं जिससे सोचा-विचारा प्लान फेल हो जाता है और पूरी लड़ाई अस्तित्व बचाने की शुरू हो जाती है. बीमारी और दुर्घटना, दो ऐसे राक्षस हैं जिससे हम पत्रकार आए दिन दो-चार होते रहते हैं.