तेरा क्या होगा अमर उजाला!

अतुल जी चले गए. किसी के जाने के बाद कुछ दिन तक चीजें थम जाती हैं. लेकिन राजुल माहेश्वरी ने एक प्रोफेशनल टीम लीडर की भांति कुछ भी थमने नहीं दिया. बड़े भाई के अचानक चले जाने से अंदर से अपार दुखी होते हुए भी बाहर से अपनी टीम के सभी लोगों को प्रेतिर-उत्प्रेरित करते रहे और ऐसे नाजुक मोड़ पर भावुक होने की बजाय ज्यादा ऊर्जा से काम कर अतुल जी के सपने को पूरा करने का आह्वान करते रहे. राजुल के इस स्नेह और प्रेरणा से सभी विभागों और सभी यूनिटों के लीडर्स ज्यादा एक्टिव हो गए और एक मुश्किल घड़ी को सबों ने अदभुत एकजुटता से पार कर लिया.

बिना आदेश देश न छोड़ें अतुल माहेश्वरी

दिल्ली की एक अदालत ने रिश्वत कांड मामले में चार आरोपियों को जमानत दे दी है. साथ ही इन्हें बिना इजाजत देश से बाहर न जाने को कहा है. स्पेशल सीबीआई जज एएस यादव ने कहा कि 50-50 हजार रुपये के दो बांड भरवाकर अतुल माहेश्वरी, हर्षवर्धन लोढ़ा, विकास शुक्ला और अंकुर चावला को जमानत दे दी गई है. इस प्रकरण के बारे में आउटलुक की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर इस प्रकार है-

चार्जशीट वाली खबर किसी हिंदी अखबार में नहीं

कितना बुरा हाल है हिंदी मीडिया का. अमर उजाला के मालिक के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर कर दी, और इसकी खबर सभी हिंदी अखबार और न्यूज चैनल पी गए. किसी अखबार में एक लाइन नहीं. अगर कहीं भूले भटके होगी भी तो उसमें अमर उजाला और अतुल माहेश्वरी का नाम न होगा. इंटरनेट पर गूगल व याहू के न्यूज सेक्शन में जब सीबीआई, अंकुर चावला, अतुल माहेश्वरी, चार्जशीट आदि हिंदी शब्दों के जरिए खबरों को तलाशा गया तो कोई रिजल्ट न आया.

अतुल माहेश्वरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) रिश्वत कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी की पटियाला हाउस स्थित अदालत में दाखिल किया गया. चार्जशीट में अमर उजाला के निदेशक अतुल माहेश्वरी, सीएलबी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष आर. वासुदेवन, कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया, चार्टर्ड एकाउंटेंट हर्षवर्धन लोढा, सीएलबी में अमर उजाला के वकील अंकुर चावला और विकास शुक्ला के नाम हैं.