छत्तीसगढ़ के डीजीपी वेब वालों से दुखी

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन साहित्य-कला प्रेमी माने जाते हैं और माओवादियों-नक्सलियों से दो-दो हाथ करने वाले भी. कई तरह के संगठनों व लोगों की आलोचना झेलते रहने वाले विश्वरंजन समय-समय पर नक्सलवाद-माओवाद पर अपने विचार प्रकट करते रहते हैं. उन्होंने माओवादियों व उनके समर्थकों पर अपना एक लेख भड़ास4मीडिया के पास भेजा है. इसमें विश्वरंजन वेब वालों से खासे दुखी दिखते हैं, और माओवादियों के समर्थकों से चिढ़े भी. पढ़िए.  -एडिटर, भड़ास4मीडिया

पत्रकारों के सवालों से बौखलाए डीजीपी विश्वरंजन

बीते साल नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस को करारा झटका दिया है. नए साल पर पत्रकारों से पुलिस महानिदेशक की मुलाकात में इसका असर साफ दिखा. नक्सली मोर्चे पर असफल छत्तीसगढ़ पुलिस के कप्तान विश्वरंजन पत्रकारों के सवालों के जवाब देते-देते बौखला गए. उन्होंने सभी आंकड़ों को किनारे करते हुए कहा कि 2010 में नक्सली मोर्चे पर सुरक्षा बल को काफी कम नुकसान हुआ है, नक्सलियों को धकेला गया है, छत्तीसगढ़ पुलिस सजग, सतर्क और समर्थ है.