राष्ट्रीय सहारा ने स्वीकारा- इंटरव्यू फर्जी था

मोहन भागवत का इंटरव्यू राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित करने के बाद जो विवाद उठ खड़ा हुआ है, उस पर राष्ट्रीय सहारा ने पहले स्पष्टीकरण और अब खेद प्रकाशित किया है। राष्ट्रीय सहारा के समूह संपादक रणविजय सिंह की तरफ से प्रकाशित खेद संदेश में स्वीकार किया गया है कि इस इंटरव्यू पर संघ का जो मत है, उसे राष्ट्रीय सहारा स्वीकार करता है। संघ कह रहा है कि इंटरव्यू फर्जी है, लिया ही नहीं गया है, मनगढ़ंत है। इस बारे में भड़ास4मीडिया पर खबर प्रकाशित हो चुकी है। कल राष्ट्रीय सहारा के संपादकीय पेज पर ‘संपादक के नाम पत्र’ कालम में जो खेद प्रकाशित किया गया है, उसे हम यहां हू-ब-हू दे रहे हैं-