गीताश्री को भी रामनाथ गोयनका एवार्ड

गीताश्री: इस तरह, पति-पत्नी दोनों को गोयनका एवार्ड मिला : वरिष्ठ पत्रकार और बैग नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम को गोयनका एवार्ड मिलने की खबर तो पहले ही भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित किया जा चुका है लेकिन नई सूचना ये है कि उनकी पत्नी और जानी-मानी महिला पत्रकार गीताश्री को भी रामनाथ गोयनका एवार्ड के लिए चुना गया है. उनके पति अजीत अंजुम को पोलिटिकल रिपोर्टिंग कैटगरी में इस साल का रामनाथ गोयनका एवार्ड दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक गीता को हिंदी जर्नलिस्ट कैटगरी प्रिंट के लिए यह एवार्ड दिया जा रहा है. इसी कैटगरी के इलेक्ट्रानिक सेक्शन में अभिसार शर्मा को एवार्ड दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि गीताश्री की ह्यूमन ट्रैफिकिंग की रिपोर्ट पर उन्हें रामनाथ गोयनका एवार्ड दिया जा रहा है. गीताश्री इन दिनों आउटलुक हिंदी में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.

डबल खुशी : गीताश्री को एवार्ड और प्रमोशन

[caption id="attachment_17439" align="alignleft" width="85"]गीताश्रीगीताश्री[/caption]आमतौर पर एवार्ड और फेलोशिप के लिए खबरों में रहने वाले गीताश्री इस बार भी एवार्ड के लिए खबर में हैं लेकिन खास यह कि उन्हें प्रमोशन भी मिला है. अभी तक आउटलुक हिंदी में फीचर एडिटर के पद पर गीताश्री काम देख रहीं थीं. अब वे असिस्टेंट एडिटर बना दी गई हैं. हिंदी आउटलुक से गीताश्री शुरुआती दिनों से ही जुड़ी हुई हैं. यहां रहते हुए उनका यह दूसरा प्रमोशन है.

उज्जैन में गीताश्री और आलोक चटर्जी सम्मानित किए गए

गीताश्री का सम्मान

उज्जैन में पिछले दिनों एक आयोजन में  आउटलुक हिंदी की फीचर एडिटर व वरिष्ठ कला समीक्षक गीताश्री को अभिनव राष्ट्रीय कला समीक्षा सम्मान और प्रसिद्ध रंगकर्मी आलोक चटर्जी को राष्ट्रीय रंग सम्मान से अलंकृत किया गया. गीताश्री और आलोक, दोनों को ही शाल, श्रीफल, सम्मान राशि रु. 11000/- एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए. पुरस्कार वरिष्ठ कवि एवं समालोचक अशोक वाजपेयी ने दिए.  उज्जैन के अभिनव रंगमंडल के सालाना नाट्य समारोह के दौरान ये दोनों पुरस्कार दिए गए. 

गीताश्री को एक और फेलोशिप

[caption id="attachment_16650" align="alignleft"]गीताश्रीगीताश्री[/caption]वरिष्ठ पत्रकार और आउटलुक हिंदी की फीचर एडीटर गीताश्री को इस साल एक और फेलोशिप मिला है। वर्ष 2010 के लिए हाल ही में उन्हें नेशनल फाउंडेशन फार इंडिया का फेलोशिप मिला है। देश का चर्चित एवं प्रतिष्ठित संस्थान ‘सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरमेंट’ (सीएसई) की तरफ से 9वां मीडिया फेलोशिप भी गीताश्री को मिला है।

तंबाकू पर शोध के लिए गीताश्री को फेलोशिप

गीताश्रीमशहूर हिंदी मैग्जीन ‘आउटलुक’ की फीचर एडिटर गीताश्री को देश के एक प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल फाउंडेशन फार इंडिया ने वर्ष 2009-2010 के लिए फेलोशिप देने का निर्णय लिया है। इस फेलोशिप की आधिकारिक घोषणा 16-17 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह के दौरान की जाएगी। ज्ञात हो कि नेशनल फाउंडेशन फार इंडिया  फेलोशिप के लिए प्रति वर्ष देश भर के पत्रकारों से आवेदन मंगाता है। इनमें से मात्र 9 पत्रकारों उनके विषय की महत्ता, गुणवत्ता के आधार पर फेलोशिप देने का निर्णय लिया जाता है। एक लाख रुपये की राशि वाला यह फेलोशिप एक साल की अवधि का होता है। एक साल के भीतर चुने हुए विषय पर शोध कार्य करना पड़ता है। गीताश्री इस फेलोशिप के तहत तंबाकू उत्पादों पर चित्रमय चेतावनी संदेशों के प्रभाव का आकलन करेंगी। साथ ही यह भी पता लगाएंगी कि क्या चित्रमय चेतावनी अपने मकसद में सफल हो पा रहा है या नहीं। तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है, इस बारे में भी वह पता लगाएंगी।

अंग्रेजी पत्रकारों की एकजुटता से हारीं गीताश्री

गीताश्रीमहिला प्रेस क्लब उर्फ इंडियन वीमेन्स प्रेस कोर (India Women Press Corps), दिल्ली के सालाना चुनाव के बाद नई टीम ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी अध्यक्ष चुनी गई हैं। महासचिव बनी हैं फ्रंटलाइन की टीके राजलक्ष्मी। हिसाब-किताब (कोषाध्यक्ष) का काम टाइम्स आफ इंडिया की नविका कुमार देखेंगी। उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए साधना न्यूज की अरुणा सिंह और नवभारत टाइम्स की मंजरी चतुर्वेदी को मौका मिला है।

इस खुलेपन के साथ इन तंग गलियों में गुजर कैसे हो?

गीताश्री ने अपने ब्लाग नुक्कड़ पर 6 अक्टूबर 2008 को इरा झा का एक लेख प्रकाशित किया है। वरिष्ठ पत्रकार इरा झा कुछ दिनों पहले तक दैनिक हिंदुस्तान, दिल्ली में न्यूज एडीटर हुआ करती थीं। अब वे कार्यमुक्त हैं। इरा उन पत्रकारों में से रही हैं जिन्होंने अपने समय में रिपोर्टिंग के जरिए और न्यूज रूम को लीड कर सैकड़ों लड़कियों को इस फील्ड में आने और इसकी चुनौतियों को स्वीकारने के लिए प्रेरित किया। गीताश्री के ब्लाग से इरा के पुराने लेख को यहां प्रकाशित करने का मकसद सिर्फ एक है- इरा झा के बहाने मीडिया में औरतों की स्थिति को बयान करना। आप यह लेख पढ़ना शुरू करेंगे तो पूरा पढ़ जाएंगे, इसकी गारंटी है। और पढ़ने के बाद जरूर खुद के अंदर झांकेंगे, आस-पास के माहौल के बारे में सोचेंगे, यह भी तय है। फिर देर किस बात की, शुरू करते हैं- संपादक, भड़ास4मीडिया

एनएआई ने किया विशिष्ट पत्रकारों का सम्मान

NAI Conferenceएनएआई का 16वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न

न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एनएआई) के 16वें वार्षिक अधिवेशन का आयोजन दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में किया गया। इस अधिवेशन में देश भर से आए एन.ए.आई सदस्यों ने भाग लिया। गौरतलब है कि देश में कई भाषाओं में प्रकाशित हजारों साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक पत्र-पत्रिकाओं के लिए एन.ए.आई अपना संगठन है।  इस समारोह में कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

गीताश्री को इनफोचेंज मीडिया फेलोशिप

गीताश्रीवरिष्ठ पत्रकार गीताश्री को इनफोचेंज मीडिया फेलोशिप, वर्ष 2008 के लिए चुना गया है। उनके अलावा पांच अन्य लोग भी इस फेलोशिप के लिए चुने गए हैं। ये हैं- अमीना खातून, जीवा जयदास, माइकल चावला, पराशर बरुआ और सोमित्र भट्टाचार्या। इस फेलोशिप के लिए सितंबर महीने में आवेदन मंगाए गए थे। कुल 60 लोगों ने अप्लाई किया। इस फेलोशिप के तहत गीताश्री छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके बस्तर में नक्सलवादियों और सलवा जुड़ूम के बीच संघर्ष के कारणों की पड़ताल अपने शोध रिपोर्ट में करेंगी।

मैं किसी का आदमी नहीं, मेरा कोई नहीं, मैं निर्गुट हूं

अजीत अंजुमहमारा हीरोअजीत अंजुम : मैनेजिंग एडीटर, न्यूज 24 :

”हां, मैं थोड़ा एरोगेंट, शार्ट टेंपर्ड हूं  : असलियत सिर्फ वही नहीं जो सामने है :  सरकार तो चाह रही कि सारे चैनल दूरदर्शन बन जाएं : लोकसभा टीवी पर देश की सबसे ज्यादा चिंता की जाती है पर उसे कितने लोग देखते हैं :  मैं मैनेजर नहीं, प्रोड्यूसर हूं : दिमाग में टीआरपी, दिल में देश और समाज है :