जीवन और समाज की कहानी सुनातीं कुछ तस्वीरें

तस्वीरें सीधे दिल और दिमाग पर असर करती हैं. और कई कई बार देखने के बाद तस्वीरों से कई कई नए अर्थ निकलते हैं. फेसबुक पर कुछ ऐसी तस्वीरें मिलीं, जो ठिठक कर सोचने को मजबूर करती हैं. जनसत्ता के संपादक ओम थानवी ने अपने एक युवा दिनों की तस्वीर डाली है, यह लिखकर- ”पुत्र डॉ मिहिर ने कहीं घर के कबाड़ से मेरा यह फ़ोटो ढूंढ़ निकाला है! पता नहीं कब किसने कहाँ खींचा था. फिर भी, सुकूते-आरज़ी … “फूल खिले शाखों पे नए और रंग पुराने याद आए!”…”