अपनों के ठुकराए इंद्र भूषण रस्‍तोगी किसे याद हैं?

: बदहाली में जीवन गुजारने को मजबूर है यह पूर्व संपादक :  ये इन्द्र भूषण रस्तोगी,  कोई गुमनामी बाबा नहीं हैं जो देश-भर में इनको कोई जानने वाला न हो. राजेश श्रीनेत जी के अमर उजाला, बरेली में सीनियर रह चुके श्री रस्तोगी देश भर में पत्रकारिता जगत खासकर संपादक मंडली में कभी परिचय के मोहताज नहीं रहे. उनका एक भरा-पूरा सम्पादकीय जीवन का इतिहास रहा है, यदि अभी भी उनके शेष जीवन का संरक्षण हो गया तो देश के भविष्य के निर्माण में इनका महत्वपूर्ण योगदान होगा.