दीपक आजाद, अमिताभ ठाकुर समेत छह को आईआरडीएस अवार्ड

गैर सरकारी संगठन इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एण्ड डाक्युमेंटेशन इन सोशल साइन्सेंस (आईआरडीएस), लखनऊ द्वारा वर्ष 2011 के लिये छह क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को आईआरडीएस अवार्ड प्रदान किये जा रहे हैं. ये क्षेत्र हैं- पत्रकारिता, मैनेजमेंट, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य, शासकीय सेवा, मानव अधिकार तथा विधि एवं न्याय.

आईआरडीएस पुरस्‍कारों के लिए सूचनाएं भेजें

गैर सरकारी संगठन इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एण्ड डाक्युमेंटेशन इन सोशल साइन्सेंस (आईआरडीएस), लखनऊ द्वारा वर्ष 2011 के लिये पांच क्षेत्रों में युवा हस्ताक्षरों को आईआरडीएस अवार्ड प्रदान किये जायेंगे. ये क्षेत्र हैं- मानव अधिकार, विधि एवं न्याय, पत्रकारिता, प्रबंधन तथा शासकीय सेवा. इन क्षेत्रों में दिये जाने वाले पुरस्कार हैं- सफदर हाशमी पुरस्कार, वीएन शुक्ला पुरस्कार, सुरेन्द्र प्रताप सिंह पुरस्कार, मंजुनाथ शंमुगम पुरस्कार तथा सत्येन्द्र दुबे पुरस्कार. इन पुरस्कारों के साथ किसी प्रकार की धनराशि संबद्ध नहीं होगी. इन पुरस्कारों हेतु अधिकतम आयु 45 साल निर्धारित की गयी है.

‘स्वतंत्र चेतना’ अखबार की गुलाम चेतना

नूतन ठाकुर बेशक एक आईपीएस की पत्नी हैं, लेकिन वे स्वतंत्र व्यक्तित्व व सोच-समझ की स्वामिनी हैं, इसी कारण वे ज्यादा सक्रिय और संघर्षशील दिखाई पड़ती हैं. ऐसे में कई बार लोगों को भ्रम होता है कि उनकी सक्रियता के पीछे उनके आईपीएस पति हैं पर जिन लोगों ने उन्हें नजदीक से नहीं देखा उन्हें नहीं पता होगा कि नूतन ठाकुर बाकी आईपीएस पत्नियों की तरह सोने, गहने, कपड़े-लत्ते, गाड़ी, बंगले, नौकर-चाकरों के सलाम ठोंकने वाली सड़ियल दुनिया में जीने-मरने की बजाय समाज और सिस्टम के सुखों-दुखों के साथ जीना, संघर्ष करना, सुधार की संभावना तलाशना, न्याय और अधिकारों के लिए लड़ते रहना ज्यादा पसंद करती हैं.

करमवीर सिंह और बृजलाल के खिलाफ याचिका

: दिव्‍या एवं शीलू प्रकरण में आईआरडीएस ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की :  आज 17/01/2011 को स्वयंसेवी संगठन इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड डाक्यूमेंटेशन इन सोशल साइंसेज (आईआरडीएस) ने शीलू और दिव्या प्रकरणों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में एक रिट याचिका दायर किया है. भारत सरकार, द्वारा गृह सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, द्वारा प्रमुख सचिव गृह और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सीबीआई, सीबी-सीआईडी, करमवीर सिंह, डीजी, उत्तर प्रदेश तथा बृज लाल, एडीजी (ला-ऑर्डर तथा अपराध) इसमें प्रतिवादीगण बनाए गए हैं. वादी की ओर से अधिवक्ता अशोक पाण्डेय हैं.

मंजुनाथ समाज के लिए सच्‍चे आदर्श : अमिताभ ठाकुर

: पुण्‍यतिथि पर याद किए गए : इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड डाक्युमेंटेशन इन सोशल साईंसेज (आईआरडीएस) तथा नेशनल आरटीआई फोरम की तरफ से आईआईएम लखनऊ के पूर्व छात्र मंजुनाथ शंमुगम की याद में एक मीटिंग आयोजित की गयी. मंजुनाथ शंमुगम की हत्‍या खीरी लखीमपुर जिले में वहाँ के एक पेट्रोल पम्प मालिक ने अपने गुंडों के साथ मिलकर मात्र इसीलिए कर दिया था, क्योंकि मंजुनाथ ने उसके गलत मीटर  इस्तेमाल और मिलावटी पेट्रोल के खिलाफ कार्रवाई की थी.

दो युवा शहीदों का समुचित सम्मान करो

[caption id="attachment_17788" align="alignleft" width="71"]अमिताभ ठाकुरअमिताभ ठाकुर[/caption]मंजुनाथ शंमुगम और सत्येन्द्र नाथ दुबे का नाम भूल गए या याद है? सच्चाई के लिए जान देने वालों के वास्ते किसके पास फुर्सत है!. पर बहुत से लोग हैं जो मंजुनाथ और सत्येंद्र को अपने अंदर जिंदा रखे हुए हैं. उनकी तरह सच के राह पर चलते हुए. ऐसे लोग चाहते हैं कि दो युवा शहीदों का समुचित सम्मान हो.