भड़ासी चुटकुला (25)

अलग अलग लड़कों की गर्ल फ्रेंड अपने बॉय फ्रेंड से इस प्रकार लड़ रही थीं:-

पायलट की गर्ल फ्रेंड:- ज्यादा उड़ मत, समझा!!!

टीचर की गर्ल फ्रेंड:- मुझे सिखाने की कोशिश मत करो!!!

डेंटिस्ट की गर्ल फ्रेंड:- तुम्हारा जबड़ा तोड़ दूंगी!!!

सीए की गर्ल फ्रेंड:- तुम ज़रा हिसाब में रहना सीख लो!!!

पत्रकार की गर्ल फ्रेंड:- पहले नौकरी तो ढूंढ ले फिर बात करना!!!


(यह चुटकुला हमें सचिन के सौजन्य से प्राप्त हुआ है. आप भी मीडिया पर केंद्रित किसी चुटकुले को हम तक bhadas4media@gmail.com के जरिए पहुंचा सकते हैं. भेजने वाले अगर अपना नाम पहचान गोपनीय रखना चाहेंगे तो उनके अनुरोध का सम्मान किया जाएगा.)

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करियर ग्रोथ मीटर- चेक ह्वेयर यू स्टैंड!

यह भी एक तस्वीर की कहानी है. मेल के जरिए आए दिन दिलचस्प तस्वीरें इधर-उधर बलखाती टहलती रहती हैं. उसी में एक तस्वीर यह भी है. कहानी सिंपल है. गरीब आदमी का पेट नहीं निकलता क्योंकि वह खटने में ज्यादा वक्त गंवाता है, ठीक से खाने-पीने में कम. और बड़े पद पर बैठे साहब सुब्बा लोग खा-पी कर डकार मारते हुए कुर्सी तोड़ते रहते हैं सो उनका लाद (पेट) निकल जाता है.

देखिए, आप इस तस्वीर के पैमाने पर कहां ठहरते हैं. हालांकि मेरे कई लखनवी और अन्य शहरों के मित्रों के लाद इसलिए निकल गए हैं कि वे गरीबी में भी पर्याप्त मदिरा-मांस का सेवन करते रहते हैं, यह सोचकर कि निकले हुए को अंदर करने की मुहिम कभी शुरू कर दी जाएगी लेकिन जो निकल जाता है वो अंदर कहां आता है भला. मैं भी आजकल इसी चिंतन प्रक्रिया से गुजर रहा हूं कि जो निकला है उसे कैसे समाया जाए 🙂 -यशवंत, भड़ास4मीडिया

भड़ासी चुटकुला (23)

एक बड़े भाई तुल्य मित्र ने यह कहते हुए इस चुटकुले को भेजा है कि– ”इसका हिन्दी अनुवाद अश्लील हो जाएगा। इसलिए अंग्रेजी में ही भेज रहा हूं। अगर उपयोग कर सकें।” दो-तीन बार चुटकुला पढ़ा. सिर्फ एक शब्द का खेल है. उस एक शब्द का अर्थ गदहा भी होता है और वह भी होता है जो पिछवाड़े कपड़ों में ढका छिपा होता है. जो ढका-छिपा होता है, वह उत्सुकता पैदा करता है, कौतुक व रहस्य पैदा करता है.

और, जहां कौतुक, रहस्य, उत्सुकता है वहां तरह-तरह की कानाफूसियां भी हैं.  संभव है, बहुत सारे श्लील लोग इस चुटकुले पर नाक-भौं सिकोड़े लेकिन मुझे इसमें कोई अश्लीलता या आपत्तिजनक जैसा नजर नहीं आ रहा. आनंददायक चुटकुला है. आनंद लेंगे तो ठीक रहेगा, बाल नोचेंगे तो बीपी बढ़ेगा.

-यशवंत


A servant enrolled his donkey in a race & won.

The local paper read:’SERVANT’s ASS WON’

The MINISTER was so upset with this kind of publicity that he ordered the servant not to enter the donkey in another race.

Next day the local paper headline read:’MINISTER SCRATCHES SERVANT’s ASS’.

This was too much for the Minister, he ordered the servant to get rid of the donkey. He gave the donkey to his wife .

The local paper heading the news: “Ministers WIFE HAS THE BEST ASS IN TOWN”.

The Minister fainted.

WIFE sold the donkey to a farmer for Rs 1500:00

Next day paper read:”WIFE SELLS ASS FOR Rs 1500:00”

This was too much, minister ordered his wife to buy back the donkey & lead it to jungle.

The next day Headlines:”ministers Wife ANNOUNCES HER ASS IS WILD & FREE”

The Minister was buried next day!

This is called …Power of media.. :”-)

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भड़ासी चुटकुला (20)

अपने मनमोहन सिंह ने जिस ऐतिहासिक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया, अपनी मजबूरी का रोना रोने के लिए, वह प्रेस कांफ्रेंस ही मनमोहन के गले की फांस बनने लगी है. उस पीसी के जरिए मनमोहन ने खुद को सबसे मजबूर आदमी के रूप में पेश कर दिया है. मनमोहन की उसी पेशकश पर कुछ चुटकुले तैयार होकर आजकल यहां वहां विचरण कर रहे हैं. अपने बेचारे पीएम मनमोहन को लेकर बने दो नए चुटकुले या कमेंट्स, जो कह लीजिए आपके सामने पेश हैं. इसे पढ़कर आप जरूर कहेंगे कि ये आज के दिन के दो सबसे मजेदार वाक्य हैं. जो लोग इसे पहले पढ़ चुके हैं, उनसे अनुरोध है कि वे भी इस चुटकुले को जहां-तहां फारवर्ड करें… ताकि बेचारे पीएम की मजबूरी वाली बात और उनका मजबूर दर्शन हर जगह पहुंच सके. जय हो. -यशवंत

1.) कम से कम महात्मा गांधी को छुट्टी तो मिली, अब “मजबूरी का नाम मनमोहन सिंह” हो गया है…

2.) ”दबंग” फ़िल्म का सीक्वल बनेगा, इसमें हीरो होंगे मनमोहन सिंह… और फ़िल्म का नाम रहेगा- “अपंग”…

भड़ास ब्लाग पर एक भड़ासी सदस्य द्वारा प्रकाशित