‘जारकर्म की अपनी द्विज परम्परा पर फिल्म बनाएं प्रकाश झा’

पहले हम फिल्म से बाहर दिए वक्तव्यों पर बात करते हैं। एक बात और, हम अमिताभ को आरक्षण फिल्म के किरदार प्रभाकर आनंद के रूप में नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन के रूप में जानते हुए बात कर रहे हैं। क्योंकि, सारी दुनिया में जब भी उन के अभिनय या वक्तव्यों की बात की जाती है तो लोग इसे अमिताभ के कहे के रूप में सुनते-बतियाते हैं। फिल्म से बाहर भी जब ‘आरक्षण फिल्म’ की चर्चा हो रही है तो लोग यही कह रहे हैं, अमिताभ ने ये कहा- अमिताभ ने वो कहा।