घोटाला : अंबिका सोनी मृणाल पांडेय बीएस लाली

राष्ट्रमंडल खेल में घपले-घोटालों की नित नई कहानियां पता चल रही हैं लेकिन किसी की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही क्योंकि निष्पक्ष जांच होगी तो कांग्रेसियों के चेहरे पर कालिख पुत जाएगी. बड़े-बड़े घपले-घोटाले करके बिना डकार लिए उसे पचा जाने में माहिर कांग्रेसियों ने पूरे मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया है. भाजपा नेता सुधांशु मित्तल के यहां छापे डलवाकर भाजपा को इशारा कर दिया कि ज्यादा हो-हल्ला किया तो तेरे लोगों को भी फंसा देंगे.

पदमपति की किताब और प्रभाषजी का आमुख

किताबजिन गिने-चुने पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता में खेल समाचारों की दूरगामी महत्ता को समय से पहले पहचाना और अखबारों के लिए अपरिहार्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्हीं में एक हैं सुविख्यात पत्रकार पदमपति शर्मा। तीन दशकों तक आज, दैनिक जागरण, अमर उजाला और लोकमत समाचार पत्रों में खेल पत्रकारिता की अलख जगाते रहे पदमति की हाल ही में एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक आई है- ‘खेल पत्रकारिता’। यह पुस्तक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की शोध परियोजना के अंतर्गत प्रकाशित की गई है। यह 174 पृष्ठों की पुस्तक खेल प्रेमियों और खेल पत्रकारों के साथ ही, इस विषय के विद्यार्थियों के लिए भी भरपूर ज्ञानवर्द्धक है।

पदमपति शर्मा महुआ न्यूज में स्पोर्ट्स हेड बने

मशहूर खेल पत्रकार पदमपति शर्मा ने नए लांच होने वाले 24 घंटे के भोजपुरी न्यूज चैनल महुआ न्यूज में स्पोर्ट्स हेड के रूप में ज्वाइन किया है। 30 वर्षों से हिंदी खेल पत्रकारिता में नेतृत्वकारी भूमिका में सक्रिय पदम अभी तक अंग्रेजी मैग्जीन डैश में सीनियर एसोसिएट एडीटर के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने करियर की शुरुआत आज, वाराणसी से की थी। उन्होंने कई वर्षों तक दैनिक जागरण, अमर उजाला और हिंदुस्तान में खेल संपादक के रूप में काम किया। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की शोध परियोजना के तहत उन्हें स्वतंत्रता बाद के हिंदी खेल इतिहास पर फेलोशिप दी गई। क्रिकेट विशेषज्ञ के रूप में पदम सीएनईबी के स्पोर्ट्स शो को सेवाएं दे रहे थे।

अतुल वीओआई (एमपी-सीजी) के हेड, अमरेश और अमित जनसंदेश में

इस्तीफानामा- 3 : मृणाल जी, जा रहा हूं !

पदमपति शर्मामशहूर खेल पत्रकार पदमपति शर्मा के इस्तीफेनामे के पहले व दूसरे भाग के बाद पेश है तीसरा और अंतिम भाग…

”अजय जी से पहली मुलाकात में ही मैंने स्पष्ट कर दिया था कि स्थानीय संपादक पद में मेरी कभी  भी रुचि नहीं रही है। मेरी तो यही कामना है कि जब मरूं तो लोग कहें कि देखो, वह खेल वाले पदमजी का शव जा रहा है। हां, चूंकि खेल डेस्क को मास्टर पेज सभी संस्करणों के लिए बनाने हैं, अतः स्वायत्तशासी डेस्क हो। खेल प्रभारी सीधे संपादक से जुड़ा रहेगा।

इस्तीफानामा- 2 : दिल्ली-बनारस वाया लखनऊ

पदमपति शर्मामशहूर खेल पत्रकार पदमपति शर्मा के इस्तीफेनामे  के पहले  भाग से ठीक आगे पढ़ें,  दूसरा  भाग— 

यहां मैं यह भी स्पष्ट कर दूं कि यह सही है कि मैं और अजय जी एक ही नगर में पैदा हुए और वहीं करियर भी शुरू किया। परंतु मेरी उनसे पहली मुलाकात हिंदुस्तान टाइम्स के दफ्तर में ही हुई थी। अजय जी ने अपना करियर 1983 में आज अखबार से शुरू किया जबकि मैं 1981 में ही आज छोड़कर जागरण में जा चुका था। मुझे तो हिंदुस्तान वाराणसी के सीनियर प्रबंधक श्री यादवेश कुमार ने फोन पर अग्रवाल साहब का संदेश दिया कि मैं जाकर अजय उपाध्याय से मिलूं।

इस्तीफानामा- 1 : देबू और वेंगी प्रकरण

भड़ास4मीडिया पर  पदमजी का संपूर्ण इस्तीफानामा जल्द  की सूचना आनलाइन करने के 24 घंटे के भीतर ही इस्तीफानामा पेश किया जा रहा है। हिंदी पत्रकारिता के लिए यह इस्तीफानामा एक ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह है जिसमें कई बड़े नाम आएंगे और उनसे जुड़े कुछ प्रकरणों का भी खुलासा होगा। यहां यह बता दें कि अजय उपाध्याय के दैनिक हिंदुस्तान से जाने और मृणाल पांडे के बतौर प्रधान संपादक दैनिक हिंदुस्तान आने के ठीक बाद 26 अप्रैल 2002 को यह इस्तीफा सौंपा गया था। तो लीजिए, मशहूर खेल पत्रकार पदमपति शर्मा  के संपूर्ण और असंपादित इस्तीफेनामे का पहला भाग….