लाइव इंडिया में सस्पेंस कायम- सुधीर चौधरी का क्या होगा!

लाइव इंडिया न्यूज चैनल में सस्पेंस गहरा हो गया है. लोग बेचैन हैं. कर्मी परेशान हैं. वेंडर हैरान हैं. काम करने वालों को तनख्वाह की प्राब्लम हो रही है तो वेंडर्स को पैसे न मिलने से परेशानी हो रही है. सुधीर चौधरी का रुटीन ब्रेक हो चुका है. वे न प्राइम टाइम पर टीवी में नजर आते हैं और न ही पहले जैसा कामधाम देख रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि चैनल के मालिक दीवान ने चैनल से पिंड छुड़ाने या फिर चैनल को नए हाथों में देने का मन बना लिया है.

लाइव इंडिया न्यूज चैनल के लोग मुश्किल में, अफवाहों ने जोर पकड़ा

मुंबई के एक बड़े बिल्डर एचडीआईएल द्वारा अधिकारी ब्रदर्स से खरीदे गए न्यूज चैनल लाइव इंडिया (पहले इसका नाम जनमत था) को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने अब चैनल चलाने पर अपनी तरफ से पैसे खर्च करने से मना कर दिया है. साफ निर्देश दे दिया गया है कि चैनल के लोग अब खुद पैसे जुटाएं और चैनल चलाएं. सूत्रों के मुताबिक इस महीने की तनख्वाह अभी तक चैनल कर्मियों के पास नहीं पहुंचा है.

जी और आईबीएन को पीछे कर लाइव इंडिया ने चौंकाया

हम टीआरपी पर चाहे जितना हो-हल्ला कर लें लेकिन न्यूज चैनलों की अंदरुनी दुनिया में टीआरपी का बहुत महत्व है. इस ससुरी टीआरपी के लिए ही मालिक से लेकर संपादक और ट्रेनी तक चिंतित रहते हैं. लेकिन सुधीर चौधरी चिंतिंत नहीं हैं. क्योंकि उनके चैनल ने पिछले कुछ महीनों में गजब का परफार्म किया है, टीआरपी के हिसाब से. इसी कारण सुधीर के चेहरे पर मुस्कान है. लाइव इंडिया न्यूज चैनल ने टीआरपी चार्ट में जी न्यूज और आईबीएन7 को भी पछाड़ दिया है (सप्ताह 16वां, टीजी 15+, वर्ष 2011).

पतन-प्रहसन : नत्था लाइव इंडिया सुधीर चौधरी

[caption id="attachment_18365" align="alignleft" width="148"]अरुण जेटली से सवाल पूछता नत्थाअरुण जेटली से सवाल पूछता नत्था[/caption]यह मीडिया का पतन – प्रहसन काल है. पतन – प्रहसन अपने अंजाम तक नहीं पहुंचे हैं, इसलिए कई लोग आशंकित-अचंभित होते रहते हैं, पतन-प्रहसन के नए-नए तौर-तरीके देखकर. लाइव इंडिया नाम से एक न्यूज चैनल है. पहले जनमत नाम था. तब उसके मालिक कोई और थे. अब कोई और हो गए हैं.