अयोध्या : किसकी हार, किसकी जीत

नदीम अख्‍तर आजकल इस बात पर खूब बहस चल रही है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय से संबद्ध लखनऊ बेंच द्वारा सुनाए गए अयोध्या पर फैसले के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए या नहीं। हालांकि वक्फ बोर्ड अब ऐलान कर चुका है कि वह मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाएगा, लेकिन समाज के कई तबकों से यह आवाज भी आ रही है कि मामले को हिंदू और मुसलमान, दोनों समुदायों के प्रतिनिधि मिलबैठ कर आपस में सुलझा लें। अगर ऐसा होता है तो इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती लेकिन फैसला अगर कोर्ट से ही आना है, तो मामला सुप्रीम कोर्ट में जरूर जाना चाहिए। हालांकि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर फैसला देना इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए भी आसान नहीं था, लेकिन फैसला पढ़ने के बाद यह धारणा बनती है कि कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर कम और आस्था (पापुलर बिलीफ) पर ज्यादा आधारित है। न्यायालय का फैसला संविधान-कानून सम्मत होता है, विश्वास और आस्था पर बेस्ड कतई नहीं होता। सो, अगर इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चैलेंज नहीं किया गया तो यह न्यायपालिका में एक बिल्कुल नए और असम्मत ट्रेंड को पनपने देने जैसा हो जाएगा।

नदीम अख्तर ने ‘जी 24 घंटे छत्तीसगढ़’ से इस्तीफा दिया

खबर है कि नदीम अख्तर ने जी न्यूज के छत्तीसगढ़ के फ्रेंचाइजी न्यूज चैनल ‘जी 24 घंटे छत्तीसगढ़’ के एसाइनमेंट हेड पद से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि उन्होंने पारिवारिक कारणों के चलते त्यागपत्र दिया.

नदीम अख्तर का धनबाद से लखनऊ तबादला

नदीम अख्तरदैनिक हिंदुस्तान, धनबाद के संपादकीय प्रभारी नदीम अख़्तर के बारे में खबर है कि ओमप्रकाश अश्क के स्थानीय संपादक के रूप में ज्वाइन करने के बाद उनका तबादला हिंदुस्तान के लखनऊ आफिस के लिए कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक नदीम अख्तर को यूपी में हिंदुस्तान के एक नये लांच होने जा रहे संस्करण की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। धनबाद में नदीम के रहते यहां प्रिंटिंग मशीन लगी और देवघर और दुमका संस्करण भागलपुर यूनिट से धनबाद यूनिट के पास आ गए।