नागपुर में पाठकों को लुभाने के लिए बांटे जा रहे उपहार

आजकल अपने ‘ब्राण्ड‘ को टिकाए रखने के लिए उद्योगपति या उत्पादक किस तरह की मार्केटिंग का सहारा लेते हैं, इसे टीवी चैनलों, खबरिया चैनलों, रेडियो और समाचार पत्रों में आसानी से देखा-पढा और सुना जा सकता है. मगर प्रचार-प्रसार, विज्ञापनों और मार्केटिग के युग में अब समाचार-पत्र भी पीछे नहीं हैं. उन्हें लगता है कि अगर हम इस स्पर्धा में पिछड़ गए, तो हमारे साथ वर्षों से जुडा पाठक वर्ग कहीं हाथ से निकल न जाए.

बैतूल में दो अखबारों के दफ्तर में चोरी

बैतूल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी लचर है इसका उदाहरण शहर में देखने को मिला। चोरों के बुलंद हौसलों का पता इसी बात से चलता है कि उन्होंने मीडिया दफ्तरों को अपना निशाना बनाया। स्टेडियम में बने दो अखबार दफ्तरों में चोरों ने बुधवार की रात ताले तोडक़र हजारों रूपए के सामान पर हाथ साफ कर दिया। यह हालात तब है जब रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बैतूल दौरे पर हैं।