विचार.भड़ास4मीडिया.कॉम के एक लेख पर पत्रकार राहुल के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा

बात पुरानी हो चली है. पत्रकार राहुल कुमार ने गरीबों-आदिवासियों-निरीहों के सरकारी दमन से आक्रोशित होकर गृहमंत्री पी. चिदंबरम को संबोधित एक पद्य-गद्य युक्त तीखा आलेख भावावेश में लिख दिया. और उसे हम लोगों ने भड़ास4मीडिया के विचार सेक्शन में प्रकाशित भी कर दिया.

मीडिया ने मिलाया बिछुड़ों को, अगवा जवान हुए रिहा

: अग्निवेश की मध्यस्थता और मीडिया की पहल रंग लाई : छत्तीसगढ़ में मीडिया ने सराहनीय कदम उठाया है. मीडिया ने स्वामी अग्निवेश की मदद से उन चेहरे पर खुशियां लौटाई है जिनके चेहरे मुरझा चुके थे. जिन्होंने अपनों को पाने का आस छोड़ दिया था. जिन्हें सभी तरफ से मायूसी हाथ लगी थी. जिन्होंने अपना माथा हर उस चौखट पर टेका जहां से उन्हें उम्मीद की किरण नजर आ सकती थी. लेकिन यह किरण भी उनकी आंखों से ओझल होती जा रही थी.

छत्तीसगढ़ के डीजीपी वेब वालों से दुखी

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन साहित्य-कला प्रेमी माने जाते हैं और माओवादियों-नक्सलियों से दो-दो हाथ करने वाले भी. कई तरह के संगठनों व लोगों की आलोचना झेलते रहने वाले विश्वरंजन समय-समय पर नक्सलवाद-माओवाद पर अपने विचार प्रकट करते रहते हैं. उन्होंने माओवादियों व उनके समर्थकों पर अपना एक लेख भड़ास4मीडिया के पास भेजा है. इसमें विश्वरंजन वेब वालों से खासे दुखी दिखते हैं, और माओवादियों के समर्थकों से चिढ़े भी. पढ़िए.  -एडिटर, भड़ास4मीडिया