पीसीआई की नई टीम मुस्कराई

पिछले दिनों प्रेस क्लब आफ इंडिया में हुए चुनाव के बाद कोर्ट की निगरानी में जब नतीजों की आधिकारिक घोषणा की गई तो पता चला कि कई साल से प्रेस क्लब को अपनी निजी जागीर मान बैठे परवेज अहमद और पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का सफाया हो चुका है. नए अध्यक्ष बने टीआर रामचंद्रन. महासचिव बने संदीप दीक्षित. कोषाध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष तक, सब बदल गए. नई टीम के लोगों ने प्रेस क्लब में मौजूद लोगों के साथ तस्वीर खिंचाई. इनके चेहरे पर जीत की खुशी पढ़ी जा सकती है. खासकर अध्यक्ष महोदय तो अपनी खुशी रोके नहीं रोक पा रहे हैं (बिलकुल बाएं)

प्रेस क्लब के चुनाव में ‘पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ’ युग का अंत

: कोर्ट की निगरानी में नतीजे घोषित : नई दिल्ली : 13 नवंबर को संपन्न हुए प्रेस क्लब चुनाव के परिणाम कल प्रेस क्लब के प्रांगण में घोषित किये गए. इसमें प्रेस क्लब के सक्रेटरी जनरल पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और उनके गुट को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा.  न्यायालय की निगरानी में संपन्न हुए प्रेस क्लब चुनाव परिणामों के आज घोषित नतीजों का स्वागत ढोल नगाड़ों के साथ किया गया. चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे- अध्यक्ष पद के लिए टी आर रामचन्द्रन 692, पूर्व अध्यक्ष परवेज़ अहमद को मात्र 444 वोट ही मिले.

तो इस वजह से हारा परवेज-पुष्पेंद्र पैनल!

: ये है प्रेस क्लब आफ इंडिया के नए पदाधिकारियों की अनंतिम-अनधिकृत सूची : प्रेस क्लब आफ इंडिया, दिल्ली के चुनाव नतीजे अधिकृत तौर पर घोषित नहीं किए गए हैं क्योंकि इस पर अदालत ने रोक लगा दी है. लेकिन मतों की गिनती के बात जो तस्वीर बनी है, उससे पता चलता है कि परवेज – पुष्पेंद्र पैनल से केवल दो लोग जीत सके हैं और वो भी मैनेजिंग कमेटी के मेंबर के बतौर. विजयी लोगों की जो लिस्ट भड़ास4मीडिया को प्राप्त हुई है, वह इस प्रकार है-

बुरी तरह हार गए परवेज और पुष्पेंद्र!

: रामाचंद्रन और संदीप जीते लेकिन औपचारिक घोषणा नहीं : दिल्ली के रायसीना रोड स्थित प्रेस क्लब आफ इंडिया में काउंटिंग जारी है. नतीजे कोर्ट को घोषित करना है सो हार-जीत के बारे में सिर्फ चर्चाएं हो रही हैं. काउंटिंग स्थल से आ रहे लोग नीचे बैठे साथियों-करीबियों-मित्रों को वोटों के बारे में खबर कर …

परवेज – पुष्पेंद्र पैनल का सूपड़ा इस बार साफ होगा!

[caption id="attachment_18538" align="alignleft" width="179"]संजय सिंह और संदीप दीक्षितसंजय सिंह और संदीप दीक्षित[/caption]प्रेस क्लब आफ इंडिया के परिसर में मतगणना का रिजल्ट आने में तो अभी अगली अदालती कार्रवाई का इंतजार करने पड़ेगा। लेकिन मतगणना शुरू हो चुकी है और भड़ास4मीडिया ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों के बीच जो तात्कालिक सर्वे किया है, उसके मुताबिक ये चुनाव प्रेस क्लब में बदलाव की बयार लेकर आया है. अगर आप इसको एक्जिट पोल मान सकते हैं तो इस बार पुरानी सत्ता का सूपड़ा साफ होने वाला है. इस बार के चुनाव में पत्रकारों की मंडली ने भारी तादाद में वोट डाला है.

कोर्ट की छत्रछाया में हुए पीसीआई इलेक्शन

: 1100 से अघिक वोट पड़े : रिजल्ट की घोषणा पर पाबंदी : पत्रकारों का ‘मक्का’ कहे जाने वाले प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव शनिवार को संपन्न हो गए लेकिन क्लब के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि रिजल्ट के लिए माडिया वालों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। वजह, दिल्ली उच्च न्यायालय ने  रिजल्ट की घोषणा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं न्यायालय ने चुनाव में कथित धांधली की आशंका जताए जाने के मद्देनजर ऑब्जर्वर भी नियुक्त कर दिया है। उन्हीं की देखरेख में शनिवार को क्लब में वोटिंग हुई और आगे की प्रक्रिया भी ऑब्जर्वर की देखरेख में ही संपन्न होगी।

पीसीआई : चुनावी मौसम में आरोप-प्रत्यारोप तेज

: पर्चे बांटकर की गई अपील- अगर ऐसे भ्रष्ट लोगों से प्रेस क्लब को बचाना है तो राम – संदीप – नदीम पैनल को जिताना है : प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनावी मौसम में आरोप-प्रत्यारोप के दौर तेज हो गए हैं. जो लोग विपक्ष में हैं, बदलाव की बाबत चुनाव लड़ रहे हैं, अभी तक काबिज लोगों को हटाना चाहते हैं, उनने दो पेजी एक आरोप पुस्तिका का प्रकाशन कर वितरण करना शुरू कर दिया है. इसमें प्रेस क्लब के सेक्रेट्री जनरल पर कई आरोप जड़े गए हैं और उनसे जवाब की उम्मीद की गई है. यहां हम वो दोनों पेजों को प्रकाशित कर रहे हैं ताकि सवाल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे. अगर प्रेस क्लब के वर्तमान पदाधिकारी, जो फिर जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, इन आरोपों का कोई जवाब भेजते हैं तो उसे भी ससम्मान प्रकाशित किया जाएगा. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

रामचंद्रन – संदीप हरा सकेंगे परवेज – पुष्पेंद्र को?

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) में तलवारें तन चुकी हैं. 13 नवंबर, शनिवार को मतदान होना है. कई बार से कई कई लोग पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ को हराने-हटाने में लगे रहते हैं लेकिन पुष्पेंद्र हैं कि अपनी जगह से टस से मस नही होते. इस बार पुष्पेंद्र हटाओ का नारा दिया जा रहा है. परवेज – पुष्पेंद्र के खिलाफ जो पैनल मैदान में है उसमें अध्यक्ष पद के उम्मीदवार टी आर रामचंद्रन (जी फाइल्स) और महासचिव पद के उम्मीदवार संदीप दीक्षित (द हिन्दू) हैं.