गंदी गालियों में लोटती-नहाती-गाती पुलिसिंग और मेरे अनुभव

Amitabh: जिसके पिता ज्ञात नहीं होते, क्या उनके पिता के पिता भी अज्ञात होते हैं? : इन दिनों हम लोग जब भी जीआरपी के संपर्क में आ रहे हैं, कुछ ऐसा हो रहा है जो कहानी बन जा रही है. पिछले दिनों मेरठ-लखनऊ यात्रा में नूतन ने जीआरपी के कुछ सिपाहियों का एक रूप देखा था तो कल जब हम पुनः मेरठ से लखनऊ आ रहे थे तो एक अलग घटना घटी.