तर्क-सच्चाई रखना चमचागिरी है तो मैं चमचा हूं

पत्रकारों के हितों की चिंता उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने हमेशा की है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि डॉ. निशंक के कार्यकाल में पत्र-पत्रिकाओं तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया, वेब मीडिया की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है. प्रदेश का पत्रकार कहीं भी कैसे भी संकट में फंसा हो तो मुख्यमंत्री डॉ. निशंक ने उनकी पहले चिंता की है.