झूठी खबर छाप कर दहशत का माहौल बना रहा है दैनिक जागरण

मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने 17 जुलाई को दैनिक जागरण में आजमगढ़ से छपी खबर ”एटीएस पहुंची आजमगढ़, एक को उठाया”  की सत्यता पर सवाल उठाया है। पीयूसीएल केमसीहुद्दीन संजरी, शाहनवाज आलम, राजीव यादव और तारिक शफीक ने कहा कि इस खबर के माध्यम से जिले में डर व दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की गई है।

बिनायक सेन पर देशद्रोह, लोकतंत्र की अवमानना

: न्यायपालिका ध्वस्त कर रही है लोकतांत्रिक ढांचा : पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) के राष्‍ट्रीय उपाध्यक्ष बिनायक सेन पर राजद्रोह का आरोप लगाकर न्यायपालिका ने अपने गैर-लोकतांत्रिक और फासीवादी चेहरे को एक बार फिर उजागर किया है। जर्नलिस्ट यूनियन फॉर सिविल सोसाइटी मानती है कि बिनायक सेन प्रकरण के इस फैसले ने अन्ततः लोकतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त करने का काम किया है। यह न्यायपालिक की सांस्थानिक जनविरोधी तानशाही है, जिसका हम विरोध करते हैं।

कामरेडों को फिर रास न आई रिपोर्टिंग

अबकी “प्रथम प्रवक्ता’ में छपी रिपोर्ट को अनुचित बताया : संपादक रामबहादुर राय को पत्र भेजकर विरोध जताया : कामरेडों ने ‘मति भ्रष्ट’ मीडिया वालों को रास्ते पर लाने की तैयारी कर ली है. फिलहाल वे यह काम चिट्ठी लिख-लिख कर कर रहे हैं. इस काम को अंजाम देने के लिए कामरेड लोग जर्नलिस्ट यूनियन फार सिविल सोसाइटी (जेयूसीएस) के बैनर का इस्तेमाल करते हैं. इसी बैनर तले कई लोगों के हस्ताक्षरों से युक्त एक पत्र भड़ास4मीडिया के पास पहुंचा है. पत्र में ‘प्रथम प्रवक्ता’ मैग्जीन में छपी एक रिपोर्ट के सही-गलत के बारे में विस्तार से बताया गया है. पत्र लेखकों में जिन-जिन के नाम है, वे इस प्रकार हैं- अवनीश राय, लक्ष्मण प्रसाद, विजय प्रताप, विनय जायसवाल, ऋषि कुमार सिंह, शाहनवाज आलम, राजीव यादव, रवि राव, शिवदास, विवेक मिश्र, चंद्रिका, अरूण उरांव, प्रबुद्ध गौतम, अनिल, नवीन कुमार, पंकज उपाध्याय, दिलीप, संदीप दुबे, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, देवाशीष प्रसून, राकेश कुमार, शालिनी वाजपेयी, सौम्या झा, पूर्णिमा उरांव, अर्चना मेहतो, अभिषेक रंजन सिंह, अरुण वर्मा, तारिक शफीक, मसीहुद्दीन संजरी, पीयूष तिवारी, अभिमन्यु सिंह, प्रकाश पाण्डेय, ओम नागर, प्रवीण मालवीय आदि. संपर्क के लिए दो मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं जो इस प्रकार हैं- 09415254919, 09452800752. तो लीजिए, प्रथम प्रवक्ता में छपी रिपोर्ट पर कामरेडों की आपत्ति को पढ़िए…


जनसत्ता के इलाहाबाद संवाददाता पर मुकदमा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति और प्राक्टर की हरकत : नाराज संगठनों ने शुरू किया विरोध अभियान : इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कई संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। वजह है कुलपति और प्राक्टर द्वारा छात्रों और पत्रकार को अपमानित-प्रताड़ित करना। प्राक्टर पर आरोप है कि उन्होंने 28 अगस्त को पहचान पत्र के नाम पर कई छात्रों को घटों बंधक बनाए रखा फिर सभी को ‘मुर्गा’ बनने का दंड दिया। इस घटना के उजागर होने पर जब जनसत्ता के प्रतिनिधि और अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्राक्टर और कुलपति से जानकारी चाही तो इन दोनों ने अभद्र तरीके से बात की। बाद में प्राक्टर ने पत्रकार पर मुकदमा दर्ज करा दिया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की इन अलोकतांत्रिक हरकतों से कई संगठन नाराज हो गए हैं।