पत्रों का जवाब देना नहीं भूलते शशि शेखर

शशि शेखर के हिंदुस्तान में आने को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है। मैं उस विवाद में पड़ने के बजाए शशि शेखर के एक अच्छे पक्ष को सामने लाना चाहता हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर कभी उनसे नहीं मिला हूं और न ही कभी बात की है। टीवी पर होने वाली चर्चाओं में अक्सर उन्हें देखा करता हूं। भड़ास4मीडिया में यशवंतजी द्वारा शशि शेखरजी का लिया एक इंटरव्यू पढ़ा था। उस इंटरव्यू को पढ़ने के बाद मैंने शशि शेखर जी को एक मेल भेजा। सोचा भी न था कि इस पहले मेल पर ही कोई कार्रवाई होगी। मैंने उनसे इस मेल में अमर उजाला के लिए पूर्वोत्तर से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की थी। कुछ समय बाद अचानक एक दिन अमर उजाला के कार्यकारी संपादक उदय कुमार का एक एसएमएस प्राप्त हुआ।