कहिन मैं भी जेल जाते-जाते बचा था वकीलों की नासमझी से फंस जाते हैं पत्रकार : अदालत ने कभी भी मीडियाकर्मियों की (मेरा आशय केवल कलमघसीटों से है) मजबूरियां नहीं जानी... bhadas4media.comJanuary 21, 2010