10 वर्षों में 187000 ‘नत्था’ जान दे चुके हैं

[caption id="attachment_17959" align="alignleft" width="80"]रमेश भट्टरमेश भट्ट[/caption]एक नहीं, दो नहीं, इस देश में करोड़ों नत्था है। क्या हुआ जो पीपली लाइव का नत्था नहीं मरा। इस देश में 1997-2007 यानि 10 सालों में 187000 नत्था अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं। यह तो सरकारी रिकार्ड में दर्ज नत्थाओं के आंकड़े हैं। ऐसे न जाने कितने नत्था होंगे जिनका नाम सरकारी फाइलों में नहीं होगा। दरअसल राजनीति और मीडिया के लिए नत्था जैसा मसाला संजीवनी की तरह होता है। एक पक्ष अपने वोट बढ़ने की आस लेकर आनंदित होता है, दूसरा टीआरपी के खेल में मशगूल।