आरटीआई कार्यकर्ता पर जानलेवा हमले के खिलाफ लखनऊ में धरना

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे आरटीआई कार्यकर्ता अमरनाथ पांडेय पर प्राणघातक हमला कल शाम किया गया. इस हमले के सिलसिले में एक खंड विकास अधिकारी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. उधर लखनऊ में आज शहीद पार्क स्थित धरना स्थल पर नूतन ठाकुर समेत कई आरटीआई एक्टिविस्ट इस हमले के खिलाफ धरना दे रहे हैं.

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: लोकतंत्र के चौथे खंभे (पत्रकारिता) को सूचना के अधिकार के दायरे में लाने के संदर्भ में आरटीआई एक्टिविस्ट अफरोज आलम साहिल का एक खुला पत्र : सेवा में, महोदय, मैं अफ़रोज़ आलम साहिल। पत्रकार होने के साथ-साथ एक आरटीआई एक्टिविस्ट भी हूं। मैं कुछ कहना-मांगना चाहता हूं। मेरी मांग है कि लोकतंत्र के चौथे खंभे यानी मीडिया को सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में लाया जाए। लोकतंत्र के पहले तीनों खंभे सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में आते हैं। यह कानून कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीनों पर लागू होता है। इसका मक़सद साफ है कि लोकतंत्र को मज़बूत किया जा सके।

दो आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमला

रांची। रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत रकुआ पंचायत में बुधवार को आरटीआई कार्यकर्ताओं शक्ति पांडेय और उषा देवी पर अज्ञात अपराधियों ने हमला कर दिया। यह हमला उस हुआ जब दोनों रकुआ में सूचनाधिकार कार्यशाला संपन्न कराकर वापस लौट रहे थे। श्री पांडेय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गांव में उन लोगों ने ग्रामीणों को जनवितरण प्रणाली और उसके सफल अनुप्रयोग के संबंध में सूचनाधिकार का महत्व बताने के लिए एक कार्यशाला आयोजित की थी।