जेल गए संपादक को मिला आरटीआई एवार्ड

यूपी के बस्ती जिले के हिन्दी साप्ताहिक अखबार सुदृष्टि टाइम्स के संपादक सुदृष्टि नारायन त्रिपाठी को रिसर्च काज फाउण्डेशन आफ इण्डिया, नई दिल्ली की ओर से आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में सम्मानित किया गया। उन्हें अरविन्द केजरीवाल के हस्ताक्षर युक्त प्रमाण-पत्र भी प्राप्त हुआ। इसमें श्री त्रिपाठी को द राइट आफ इनफार्मेशन (आरटीआई) एक्ट के जरिए समाज की सेवा में योगदान के लिए सराहना की गई है।

पत्रकार श्यामलाल यादव को मिला आरटीआई अवार्ड

[caption id="attachment_16399" align="alignleft"]श्यामलाल यादवश्यामलाल यादव[/caption]‘इंडिया टुडे’ के स्पेशल करेस्पांडेंट श्यामलाल यादव को सूचना का अधिकार कानून का इस्तेमाल कर बेहतरीन रिपोर्टिंग करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्हें उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत करेंगे। यादव को एक लाख रुपया नगद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार आरटीआई का इस्तेमाल जनता के हित में करने के लिए उन्हें 19 अन्य लोगों के साथ सिटिजन कैटेगरी में अवार्ड दिया जाएगा।

आरटीआई एवार्ड के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

प्रेस विज्ञप्ति : National RTI Awards 2009 : Public Cause Research Foundation invites nominations for the first ever National RTI Awards 2009. Instituted this year, these awards will be given away sometime in October every year to those who have displayed exemplary commitment to RTI. Despite the power of Right to Information (RTI) to transform Indian democracy, the Act faces stiff opposition from many sections of the government, particularly the bureaucracy. For example many Officers are not performing satisfactorily. Some Information Commissioners, who are the final adjudicating authority under the Act, are perceived to be sympathetic to bureaucrats. But there are many among the bureaucrats who are committed to transparency and honesty.