अन्ना और मीडिया से आतंकित सत्यव्रत चतुर्वेदी व रमाकांत गोस्वामी का भाषण सुनकर उन्हें सुनाए बिना न रह सका

: आपको पता है कि …लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पाई.. लिखने वाले शायर का नाम? : जब आप सम्मान लेने बुलाए गएं हों तो मौका-ए-वारदात पर पूरे सम्मान के साथ मौजूद रहना चाहिए. किसी को टोकना-टाकना नहीं चाहिए. और, सम्मान पकड़कर प्लास्टिक वाली मुस्कान फेंकते हुए मनेमन मुनक्का मनेमन छुहारा होते हुए अपनी सीट पर लौट आना चाहिए.