मीडिया का दूसरा नाम विपक्ष और हस्तक्षेप

: रामनगर (उत्तराखंड) में 14 वरिष्ठ पत्रकार हुए सम्मानित : रामनगर। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन रामनगर ईकाई ने पत्रकारिता दिवस के मौके पर वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित करने के साथ ही गोष्ठी आयोजित की। नवनिर्मित आडिटेरियम भवन में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ हाईकोर्ट के न्यायाधीश पीसी पंत व कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीपीएस अरोरा ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

भ्रष्‍टाचार और लालच ने बनाया पुलिस को पंगु

सेमिनार : पुलिस व्‍यवस्‍था में सुधार विषय पर सेमिनार : विधि विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में विधि विभाग तथा इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड डॉक्यूमेंटेशन इन सोशल साइंसेस (आईआरडीएस) द्वारा “पुलिस व्यवस्था में सुधार” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया. इस सेमिनार में पुलिस व्यवस्था में सुधार को उसकी समग्रता में समझने का प्रयास किया गया.

हिंदी को बिगाड़ रहे हैं हिंदी अखबार

: मुंबई विवि के हिंदी विभाग की तरफ से आयोजित परिचर्चा : नवभारत टाईम्स के एनबीटी बनने पर चिंता : मुंबई : युवा पीढी के नाम पर कुछ अखबार हिंदी को हिंगलिश बनाने पर तुले हुए हैं. मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की तरफ से आयोजित परिचर्चा में बुद्धिजीवियों की यह चिंता उभर कर सामने आई.

लाखों रुपये वाली एक राष्ट्रीय संगोष्ठी की कहानी

: मानवीय मूल्यों के अमानवीय कार्य पर मीडिया की मुहर : इस खबर को लिखने की कोई इच्छा नहीं थी. कारण भी साफ था. उदघाटन और समापन की औपचारिकताओं के अलावा इसमें कुछ दिखा नहीं. बफर का सुस्वादू भोजन करने के बाद संभागी और आयोजकों ने विश्राम किया. कुछ समूह चर्चा भी हुई जिसे समापन की जल्दबाजी में शीघ्रता से समाप्त कर दिया गया. दूसरे दिन के अखबारों में खबर भी छपी. लेकिन तीसरे दिन जब बाकायदा समापन का सचित्र समाचार पढा तो मन हुआ कि अब तो खबर लिखनी ही पडे़गी. दो दिन की ‘राष्ट्रीय गोष्ठी’ जो एक दिन में ही समाप्त हो गई को अखबारों ने दो दिन की बताकर मानवीय मूल्यों की चर्चा में मीडिया ने वास्तव में अमानवीय कार्य किया है, ऐसा मुझे तो लगता है.

जयपुर में 12 से फिल्‍म स्क्रिप्‍ट राइटिंग वर्कशाप

जयपुर अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह और जवाहर कला केन्‍द्र के संयुक्‍त तत्‍वाधान में 12 से 16 अक्टूबर तक इण्डियन एण्ड वर्ल्‍ड सिनेमा पर वर्कशाप और सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। पांच दिवसीय वर्कशाप में फिल्म स्क्रिप्ट राइटिंग, डायलॉग राइटिंग, लिरिक्स राइटिंग के साथ-साथ प्रतिभागियों के लिए कैमरा एण्ड टेक्निकल आसपेक्टस तथा फिल्म एप्रीसिएशन पर विषय विशेषज्ञ जानकारी देंगे।