जयपुर में 12 से फिल्‍म स्क्रिप्‍ट राइटिंग वर्कशाप

जयपुर अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह और जवाहर कला केन्‍द्र के संयुक्‍त तत्‍वाधान में 12 से 16 अक्टूबर तक इण्डियन एण्ड वर्ल्‍ड सिनेमा पर वर्कशाप और सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। पांच दिवसीय वर्कशाप में फिल्म स्क्रिप्ट राइटिंग, डायलॉग राइटिंग, लिरिक्स राइटिंग के साथ-साथ प्रतिभागियों के लिए कैमरा एण्ड टेक्निकल आसपेक्टस तथा फिल्म एप्रीसिएशन पर विषय विशेषज्ञ जानकारी देंगे।

इनमें असगर वजाहत, फिल्म राइटर्स असोसिएशन के अध्यक्ष जलीस शरवानी, फिल्म डिवीजन के महानिदेशक कुलदीप सिन्हा, सेन्ट्रल सिने सर्किट असोसिएशन के चैयरमेन संतोष सिंह जैन, फिल्म मेकर जीएल भारद्वाज व बलराम कांवट के साथ-साथ राजस्थान से भी कई नाम शामिल है।

इसी क्रम में सिनेमा पर सेमिनार भी आयोजित किया जायेगा। 13 अक्टूबर को क्षेत्रीय एवं राजस्थानी सिनेमा पर चर्चा की जायेगी। 14 अक्टूबर को शार्ट, एनीमेशन एण्ड डाक्यूमेन्ट्री फिल्मस इण्डियन एण्ड वर्ल्‍ड मार्केट और फिल्म वितरण पर भी चर्चा की जायेगी तथा यंग फिल्म मेकर्स एण्ड नेटवर्किंग पर चर्चा होगी, जिसकी जरूरत आज भारतीय फिल्म उद्योग को है।

15 अक्टूबर को इण्डो-फ्रेंच सिनेमा पर चर्चा की जायेगी। 16 अक्टूबर को जयपुर फिल्म सिटी और सिनेमा हब जयपुर पर तथा माडर्न सिनेमा-सोसायटी एण्ड कल्चर पर चर्चा की जायेगी। हनु रोज ने बताया कि इस दौरान प्रतिभागियों को फिल्म राइटर्स असोसियेशन की मैम्बरशिप दी जायेगी ताकि स्थानीय लेखकों को मुम्बई नहीं जाना पड़े।

इन पांच दिनों में प्रतिभागियों को अधिक से अधिक जानकारी देना, राजस्थान में फिल्म निर्माण, तकनीक से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराना तथा बढ़ावा देना प्रमुख उद्वेश्य है। सेमिनार व वर्कशाप में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फार्म जमा कराने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर है। फिल्म सिटी या सिनेमा हब जयपुर दोनों में से कौन सी जगह जयपुर के लिए महत्त्वपूर्ण है।

पहले फिल्म सिटी या सिनेमा हब इस पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी। जिसमें फिल्म सिटी कमेटी के मेम्बर संतोष सिंह जैन तथा कई अन्य व्यक्ति अपने विचार रखेंगे। फिल्म सिटी की संभावनाओं, चुनौतियों और अनुकूल-प्रतिकूल माहौल पर चर्चा की जायेगी।  प्रेस विज्ञप्ति

Comments on “जयपुर में 12 से फिल्‍म स्क्रिप्‍ट राइटिंग वर्कशाप

  • sanjay sharma says:

    cinema ki baarikiyon ko sametne ka ye sunahra mauka hai..cinema ki duniya bahut ajeeb hoti hai…but its a lot of adventures,glamour, fame….its a miracle..

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