क्या शशि शेखर का इतिहास ज्ञान कमजोर है?

हिंदुस्तान में शशि शेखर के संपादकीय का एक अंशशशि शेखर को ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते वक्त गूगल या विकीपीडिया को सर्च करने की जरूरत है. अगर तकनीक फ्रेंडली न हों तो उन्हें इतिहास और सामान्य ज्ञान की किताबें अपने पास रखने की आवश्यकता है. खासकर उन मौकों पर जब वे रविवार के दिन के लिए ‘हिंदुस्तान’ में कोई संपादकीय नुमा लेख अपने नाम से लिखते हैं. पिछले दिनों उन्होंने एक गलती की थी. उस गलती के लिए अगले हफ्ते के रविवार के अंक में क्षमा याचना भी की गई. वैसी ही गलती आज के दिन उन्होंने फिर कर दी है. गलती देखने में तो बहुत छोटी है पर इस छोटी-सी गलती के कारण समय का पहिया सौ साल पीछे चला जाता है. पहले बताते हैं कि पहली गलती क्या थी.