कहीं फिर मेरे भाई पर मुसीबत तो नहीं आएगी?

आज जब सुबह ऑफिस आया तो सभी समाचार पत्रों को सरसरी निगाह से देखने की आदत के अनुसार ”आज समाज” में फोटो के साथ छपी एक खबर पर नज़र पड़ी. खबर मेरे लिए चौंकाने वाली थी और डराने वाली भी. कारण यह था कि उसमें एक ऐसे व्यक्ति की गिरफ्तारी की खबर छपी थी जिसकी वजह से हमारे पूरे परिवार की इज्जत मर्यादा सबकुछ धूल में मिल गई थी.

कहानी है छोटी, एक युवक नन्हा पत्रकार…

अमिताभ ठाकुर लखनऊ में पदस्थ आईपीएस अधिकारी हैं. कई जिलों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं. इन दिनों शोध कार्य कर रहे हैं, और इसी कारण वे पुलिस की नौकरी से अवकाश पर चल रहे हैं. इस अवकाश के दौरान शोध कार्य के बाद बचे समय का सदुपयोग वह कई तरह से कर रहे हैं. विभिन्न मीडिया माध्यमों में जमकर लिखना भी उनका एक काम है. लेकिन अभी तक वह गद्य लिखते थे.