पत्रकारों का खून चूसकर तिजोरी भरते हैं नईदुनिया वाले

श्‍यामआजकल बड़े मीडिया ग्रुप में संवाददाता, ब्यूरो को नाम मात्र का वेतन दिया जाता है। जिसमें गुजारा करना बेहद मुश्किल है। कई बार इस बारे में आवाज उठाई जाती है, लेकिन प्रबंधन द्वारा ऐसी आवाज को दफन कर दिया जाता है। दिल्ली में नईदुनिया के प्रधान संपादक आलोक मेहता लाखों रुपए प्रतिमाह वेतन लेते हैं।