सहारा ने खुद को बेदाग बताया

: ईडी अधिकारी पर दबाव बनाने का मामला : राजेश्वर सिंह से पत्रकार सुबोध जैन ने पूछे थे 25 सवाल : सहारा इंडिया के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन्स का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करता है। मामले से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी के खिलाफ वह तब तक कुछ कहने की स्थिति में नहीं है जब तक कि सुप्रीम कोर्ट से उसे इसकी इजाजत न मिल जाए। कॉरपोरेट कम्युनिकेशन्स की ओर से लखनऊ में जारी एक बयान में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सहारा बेदाग है।

सुब्रत राय सहारा के जीवन पर किताब

: पुस्तक समीक्षा : ‘मुझे याद है- दादाभाई और हमारा परिवार’ : पुस्तक ‘मुझे याद है’ दादाभाई और सहारा परिवार के कर्ताधर्ता सुब्रत रॉय सहारा, जो कि प्यार से ‘सहाराश्री’ के नाम से जाने जाते हैं, के जीवन और समय पर केन्द्रित है। पुस्तक की लेखिका हैं श्रीमती कुमकुम रॉय चौधरी, जो कि उनकी छोटी बहन हैं और उन्हें प्यार से ‘दादाभाई’ कह कर सम्बोधित करती हैं। सहारा इंडिया परिवार में ‘छोटी दीदी’ स्वयं एक वरिष्ठ एग्ज़ीक्यूटिव होने के साथ ही लोकप्रिय सामाजिक हस्ती हैं जो अपनी बहुआयामी व लोकहितैषी सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जानी जाती हैं।