ठेकेदार के आगे बौना हुआ सूचना निदेशालय

उत्तराखण्ड के सूचना निदेशालय को बीते पांच सालों से एक ठेकेदार चला रहा है। वह जब चाहता है तब अपने मनमाफिक कर्मचारी को सीट पर बैठा देता हैं और जब चाहता है किसी को भी हटा देता है। यही कारण है कि बीते सालों से यह ठेकेदार निदेशालय के अधिकारियों तक को उंगलियों पर नचा रहा है। मामला मुख्यमंत्री की वीडियो कवरेज से जुड़े ठेके के बाद तब खुला, जब इस कार्य के लिए राजधानी देहरादून सहित देश के कई और स्थानों से कई ठेकेदार इस काम को लेने के लिए निविदा डालने आये।