सच में गद्दारी की स्वामी अग्निवेश ने, बातचीत का वीडियो टेप भी जारी

टीम अन्ना के स्तंभ कहे जाने वाले स्वामी अग्निवेश बुरी तरह फंस गए हैं. उन्होंने फोन पर किपल सिब्बल से जो बातचीत की, वह बातचीत पब्लिक में आ चुकी है. इस बातचीत का आडियो टेप जारी किए जाने के बाद अब वीडियो टेप भी उपलब्ध हो गया है. कपिल से बातचीत में अग्निवेश ने अन्ना और उनकी टीम के लोगों को जमकर कोसा है और सरकार को उकसाया है कि वह इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे.

स्वामी अग्निवेश सरकार के आदमी, टीम अन्ना टूटी… सुनें यह टेप

बड़ी और बुरी खबर है. बड़ा खुलासा है. टीम अन्ना के मजबूत स्तंभ स्वामी अग्निवेश सरकार के पाले में खड़े हो गए हैं. यह साबित करने वाला एक टेप भड़ास4मीडिया के हाथ लगा है. इस टेप में स्वामी अग्निवेश किन्हीं कपिल (कपिल सिब्बल?) से बड़ी गर्मजोशी से फोन पर बात कर रहे हैं. वे टीम अन्ना के सदस्यों को पागल हाथी करार दे रहे हैं. यह भी कह रहे हैं कि…

अग्निवेश जैसे मध्यस्थ सत्ता को बहुत भाते हैं

[caption id="attachment_18048" align="alignleft" width="116"]स्वामी अग्निवेशस्वामी अग्निवेश[/caption]: याद कीजिये, स्वामी अग्निवेश बाल मज़दूरी के सवाल पर भी काफ़ी आन्दोलन कर चुके हैं और बाल मज़दूरी के विरोध के लाभ भी उठा चुके हैं जबकि बाल मज़दूरी के आंकड़े लगातार बढ़ते गये : जनज्वार ब्लॉग पर हाल में बिहार की घटनाओं पर टिप्पणियां और साई बाबा का जवाब और फिर स्वामी अग्निवेश के स्वघोषित शान्ति दूत की भूमिका में उतरने के बारे में लिखी गयी टिप्पणी देखी.

धोखेबाज हैं स्वामी अग्निवेश!

स्वामी अग्निवेश: शांति दूत की जगह चुनावी एजेंट बने : निजी महत्वाकांक्षाओं के लिए शांति-न्याय मार्च के 60 सदस्यों के साथ धोखा किया : छत्तीसगढ़ के चिंतलनार क्षेत्र में माओवादियों और पुलिस के बीच संघर्ष में 6 अप्रैल को अर्धसैनिक बलों के 76 जवान मारे गये थे। माओवादियों के हाथों सरकार के सबसे काबिल और सुसज्जित सुरक्षा बलों का इतनी बड़ी संख्या में मारा जाना जहां राज्य मशीनरी के लिए एक नयी चुनौती बना, वहीं ऐसी स्थिति न चाहने वालों के लिए सरोकार का गंभीर प्रश्न। सरोकार की इसी चाहत से शांति चाहने वालों ने एक समूह बनाकर चिंतलनार वारदात के ठीक एक महीने बाद 5 से 8 मई के बीच रायपुर से दंतेवाड़ा तक एक शांतियात्रा की। यात्रा का असर रहा और सरकार एवं माओवादियों से बातचीत की एक सुगबुगाहट भी शुरू हुई।