डीएम ने टीवी जर्नलिस्टों से की बदसलूकी

[caption id="attachment_15389" align="alignleft"]मोहम्मद खालिकमोहम्मद खालिक[/caption][caption id="attachment_15390" align="alignright"]अरशद जमालअरशद जमाल[/caption]कैमरा तोड़ा, पीड़ित पत्रकारों ने प्रेस परिषद, सीएम और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा : मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के जिलाधिकारी (डीएम) सच्चिदानंद दुबे को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने एक सैन्य प्रकरण में इटावा से कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टरों से गाली-गलौज करने के साथ ही उनका कैमरा भी जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। 30 जुलाई 09 को यह वाकया स्टार न्यूज के रिपोर्टर मोहम्मद खालिक, एनडीटीवी के रिपोर्टर अरशद जमाल और पैगाम-ए-उर्दू के संवाददाता हाशिम ऐजाज के साथ हुआ। पीड़ित पत्रकारों ने प्रेस परिषद, मानवाधिकार आयोग और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती से घटनाक्रम की लिखित शिकायत करते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मीडिया कर्मियों के साथ अफसरों और सत्ताधारी नेताओं की बदसुलूकियां वैसे भी आए दिन की बात हो चली हैं। हाल ही में हरदोई जिले की घटना ने तो पूरे मीडिया जगत को झकझोर दिया था, जब बसपा विधायक और पुलिस की सांठ-गांठ से दो पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। और तो और प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक में पत्रकार प्रदेश सरकार और उच्चाधिकारियों की मनमानी से इन दिनों काफी परेशान हैं। छोटे शहरों में तैनात बड़े अधिकारी पत्रकारों के साथ आए दिन किस तरह की मनमानी कर रहे हैं, इसका अंदाजा ऐसे इलाकों के हर उस पत्रकार से लगाया जा सकता है, जो चाहे चैनल से जुडा हो या समाचार पत्र से।

बदतमीज दरोगा को पत्रकारों ने सबक सिखाया

अप्लीकेशनआजकल जिसे देखो वही कलम-कैमरे से चिढ़ा हुआ है और कलम-कैमरेवालों से पंगा लेने के मूड में बैठा है। अलीगढ़ में एक थाने में पिटाई का सीन क्या शूट कर लिया, दरोगा महोदय के दिमाग का तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया और रिपोर्टर से करने लगे बदतमीजी। कैमरा छीन कर दरोगा जी ने तोड़ डाला। मीडियाकर्मी से बदसलूकी की खबर सुनकर जिले भर के मीडियावाले थाने इकट्ठे हो गए और विरोध जताने लगे। मीडियाकर्मियों के आक्रोश को शांत करने के लिए एसपी सिटी मान सिंह चौहान को थाने पहुंचना पड़ा और आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर करने का ऐलान करना पड़ा। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिविल लाइंस रणविजय सिंह कर रहे हैं।