इशरत, इन संपादकों-पत्रकारों को माफ करना

इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले मे मीडिया की भूमिका पर वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी  ने अपनी रुह की आवाज पर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी। माननीय वाजपेयी जी का ये कदम स्वागत के योग्य है। देर से ही सही, लेकिन इन्होंने माना कि इशरत जहां मामले मे कुछ ना कुछ गलत था। सीएम मोदी का खुद को हिन्दुत्व का नायक पेश करने के लिए समुदाय विशेष के लोगों को मरवाना, गुजरात पुलिस का अपने सीने पर चांदी के तमगे सजाने के लिए किसी और के सीने पर गोलिया बरसाना और मीडिया का टीआरपी बढाने के लिए इस खबर की हकीकत जानते हुऐ भी गलत तरीके से पेश करना, ये सभी एक सरीखे लगते हैं।